Mohammed israil
बिलासपुर जिले में मानसून की लगातार बारिश अब राहत के साथ-साथ खतरे का संकेत भी बन गई है। जिले के डेम, नदियां, नाले और झरने उफान पर हैं, वहीं इन जगहों पर पिकनिक और सेल्फी लेने की सनक लोगों को खतरे में डाल रही है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है—“अब अगर लापरवाही की तो भुगतनी पड़ेगी बड़ी कीमत।” कोटा पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि खतरे की जद में आने वाले स्थानों पर गश्त और निगरानी तेज कर दी गई है।
बिलासपुर।
बारिश से जिले के डेम और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खुड़िया डेम, तेंदूआ डेम, खुटाघाट जलाशय, कोरी डेम, अरपा नदी और मल्हार क्षेत्र के झरनों में बहाव इतना तेज हो चुका है कि किनारे खड़े रहना भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद कुछ युवाओं द्वारा इन जगहों पर जाकर मस्ती, पिकनिक और सेल्फी लेने जैसी लापरवाह हरकतें की जा रही हैं।
डेम के पास तैनात पुलिस, लगातार मुनादी:
कोटा पुलिस ने कोरी डेम के वेस्ट वेयर और घोंघा जलाशय जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया है। लाउडस्पीकर और पेट्रोलिंग गाड़ियों के जरिए लगातार मुनादी कर आम लोगों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे डेम और पानी के किनारों से दूर रहें। गहराई में उतरने या पानी के साथ कोई भी ‘खिलवाड़’ जानलेवा साबित हो सकता है।
जो नहीं माने, उन्हें खदेड़ा गया:
कोटा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि कुछ युवक चेतावनी के बावजूद डेम के पास जाकर हुड़दंग कर रहे थे। बार-बार समझाइश देने के बाद जब वे नहीं माने, तो पुलिस को उन्हें मौके से खदेड़ना पड़ा। पुलिस ने कहा कि अब ऐसी हरकतों पर कोई ढील नहीं बरती जाएगी।

नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई:
प्रशासन की ओर से साफ निर्देश हैं कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्रों में पाया गया या सुरक्षा नियमों की अवहेलना करता मिला, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
🚨 प्रशासन की अपील – “सावधानी ही सुरक्षा है”
- डेम, नदी, नाले और झरनों के किनारे न जाएं
- बच्चों को पानी के पास न जाने दें
- तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करें
- नशे की हालत में वाहन न चलाएं
- प्रशासन और पुलिस की चेतावनी को गंभीरता से लें
📢 वर्जन:

“बारिश का मौसम जितना सुंदर दिखता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। नागरिकों से अपील है कि डेम, नदी, नाले और ऊंचाई वाले झरनों से दूर रहें। नशे में वाहन चलाना और बहाव में उतरना खतरनाक हो सकता है। सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।”
— रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर



