✍️ mohammed israil
बिलासपुर।
बरसात के मौसम में ज़िंदगी जहां हरियाली लेकर आती है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह मौसम जहरीले जीव-जंतुओं का कहर भी लाता है। मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम भदौरा में बुधवार की रात एक हृदयविदारक हादसा हो गया, जब खुले आंगन में सो रहीं दो मासूम बहनों को सांप ने काट लिया। 8 माह की बच्ची ऋतु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 साल की तेजस्विनी गंभीर हालत में सिम्स में जिंदगी से जूझ रही है।
📍 क्या है मामला:
- स्थान: ग्राम भदौरा, मस्तूरी थाना क्षेत्र, बिलासपुर
- समय: बुधवार देर रात
- घटना: खुले आंगन में सोते वक्त दो बहनों को जहरीले सांप ने डंसा
- मृतका: ऋतु सूर्यवंशी (8 माह)
- गंभीर रूप से घायल: तेजस्विनी (8 वर्ष)
- इलाज: पहले मस्तूरी CHC, फिर सिम्स रेफर
- स्थिति: तेजस्विनी की हालत नाजुक, इलाज जारी
गांव में मातम और प्रशासन से मांग:
- गांव में गमगीन माहौल
- परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
- ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से की ये मांग:
- गांवों में सांप से बचाव के प्रति जागरूकता अभियान
- सुरक्षा उपायों की व्यवस्था
- तुरंत इलाज और एंटी-वेनम की उपलब्धता
भारत में पाए जाने वाले सांपों की जानकारी

श्रेणी जानकारी भारत में सांपों की प्रजातियां लगभग 300+ इनमें जहरीली प्रजातियां करीब 60 प्रमुख जहरीले सांप कोबरा, करैत, रसेल वाइपर, सॉ स्केल्ड वाइपर (इन्हें “Big Four” कहा जाता है) ग्रामीण इलाकों में खतरा बरसात में बिलों में पानी भरने से ये बाहर आ जाते हैं
बरसात में सांपों से बचाव के उपाय
- घर के आसपास की झाड़ियों को साफ रखें
- रात में खुले में सोने से बचें, खासकर जमीन पर
- घर में और आंगन में फिनाइल या नेफ्थलीन बॉल्स का प्रयोग करें
- जूते पहनने से पहले उलट-पलट कर देखें
- सांप के काटने पर देरी न करें – तुरंत अस्पताल पहुंचें
अगर सांप काटे तो क्या करें?
✅ शांत रहें, शरीर की हलचल कम करें
✅ काटे गए हिस्से को दिल से नीचे रखें
✅ कोई चीज़ बांधें नहीं, घाव न काटें
✅ तुरंत अस्पताल जाएं
✅ अगर संभव हो तो सांप की पहचान याद रखें (मगर उसे पकड़ने की कोशिश न करें)
✅ एंटी-वेनम ही एकमात्र प्रभावी इलाज है
📣 सवाल प्रशासन से:
“क्या हर गांव में है एंटी-वेनम?
क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तैयार हैं ऐसे हालात के लिए?
और क्या ज़मीनी स्तर पर कोई जागरूकता अभियान चलाया गया?”
🔍 सुरक्षा के लिए बुनियादी इंतजाम है जरूरी
एक मासूम की मौत ने फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि स्मार्ट सिटी हो या ग्रामीण इलाका, जब तक आमजन की सुरक्षा के लिए बुनियादी इंतजाम नहीं होंगे, तब तक हम हर बरसात में ऐसे हादसों को दोहराते रहेंगे।
प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों को अब केवल सांत्वना नहीं, संवेदनशीलता और तैयारी के साथ आगे आना होगा।



