संभागायुक्त शकावरे ने दौरा कर धान खरीदी की तैयारियों का लिया जायज़ा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने मुंगेली जिले के सरगांव का दौरा कर धान खरीदी केंद्र की स्थल पर की जा रही तैयारियों का जायज़ा लिया। गौरतलब है कि इस साल 14 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है। उन्होंने चेक लिस्ट के अनुरूप केंद्र की तैयारियों का अवलोकन किया। प्रमुख रूप से खरीदी केंद्रों में कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, मॉइश्चर मशीन, धान चबूतरा, बेनर आदि के बारे में जानकारी ली । आयुक्त द्वारा खरीदी केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर, हमाल के बारे में भी जानकारी लिया । आयुक्त द्वारा इस बार किसान पंजीयन, बैंक में नगद राशि की भी जानकारी ली । धान खरीदी में कोई गड़बड़ी नहीं हो, एसडीएम को निर्देशित किया । निरीक्षण के दौरान एसडीएम पथरिया श्री भरोसा राम ठाकुर, खाद्य निरीक्षक और प्रबंधक धनुष साहू सहित स्टाफ उपस्थित थे।।।
00 कलेक्टर ने की धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा

कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की मंथन सभा कक्ष में बैठक लेकर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य सरकार के इस सबसे बड़े किसान हितैषी अभियान का आगाज़ इस माह की 14 नवम्बर से होगा। उन्होंने धान खरीदी से जुड़े हर पहलू की विस्तृत समीक्षा कर शासन की मंशा के अनुरूप चाक-चौबंद व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में वास्तविक किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। धान बेचने से जुड़ी उनकी हर तरह की समस्याओं का सवंेदनशीलता के साथ समाधान किया जाये। किसानों के नाम पर अपना हित साधने वाले और गड़बड़ी करने वालों आपराधिक तत्वों से सख्ती से निपटा जायेगा। ऐसे लोगों पर नजर रखने और पुख्ता कार्रवाई के लिए पूरा सिस्टम तैयार कर लिया गया है। कलेक्टर स्वयं अपने चेम्बर से खरीदी केन्द्रों की हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि किसान पंजीयन की निर्धारित सीमा तक जिले में 1,32,562 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें 6 हजार नये किसान शामिल हैं। जिले में स्थापित 140 धान खरीदी केन्द्रों के जरिए वे अपना धान बेच पाएंगे। टोकन इश्यू करने शुरू कर दिए गए हैं। एसडीएम अपने अनुविभाग के नोडल अधिकारी होंगे। हर तरह की व्यवस्था के लिए वे जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी केन्द्रों सहित संग्रहण केन्द्रों और राइस मिलों में पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रानिक कांटा बांट का तौल में इस्तेमाल होगा। परम्परागत कांटा तौल किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जायेगा। कृषि विभाग के आरएईओ को अपने क्षेत्र में धान खरीदी केन्द्र के लिए नोडल अधिकारी बनाये गये हैं। धान खरीदी के शुरू होने से लेकर अंत तक उनका बैठे रहना जरूरी किया गया है। धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जायेगा। एकीकृत किसान पोर्टल में दर्ज आंकड़े ही धान खरीदी के लिए आधार होंगे। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को चेकलिस्ट के अनुरूप सत्यापन कर रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आरए कुरूवंशी, श्री शिवकुमार बनर्जी सहित धान खरीदी से जुड़े विभागों के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।



