
रायपुर/भिलाई | छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई राज्य में चर्चित ₹2,161 करोड़ के कथित शराब घोटाले और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई है। ईडी की टीम ने यह दबिश भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े नए साक्ष्यों के आधार पर दी है।

प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे भिलाई के कुरूद निवासी बंगले पर पहुंची, जहां केंद्रीय बलों के जवानों की सुरक्षा में जांच शुरू की गई। ईडी को हाल ही में कुछ ऐसे बैंकिंग और दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की भूमिका की ओर इशारा करते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यह ताजा कार्रवाई की गई।
📌 मामला क्या है?
ईडी की अब तक की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में शराब के थोक और फुटकर कारोबार में बड़े पैमाने पर राजस्व की चोरी और अवैध उगाही हुई है। आरोप है कि शराब दुकानों से हर महीने करोड़ों रुपये की ‘कट मनी’ वसूली गई, जिसे सरकारी खजाने में न भेजकर निजी खातों और शेल कंपनियों में पहुंचाया गया। इस पूरे घोटाले की राशि लगभग ₹2,161 करोड़ आंकी गई है।
🏠 पहले भी हो चुकी है छापेमारी
मार्च 2025 में भी ईडी ने दुर्ग जिले में 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिनमें चैतन्य बघेल के साथ उनके करीबी लक्ष्मीनारायण बंसल के परिसर भी शामिल थे। तब ईडी ने बड़ी मात्रा में नकदी और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए थे। इसी कार्रवाई की अगली कड़ी में अब फिर से छापा मारा गया है।
🎙️ भूपेश बघेल की तीखी प्रतिक्रिया
ईडी की कार्रवाई पर भूपेश बघेल ने तीखा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“ED आ गई… आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है… अडानी के लिए तमनार में पेड़ काटे जा रहे थे; भिलाई निवास में साहेब ने ED भेज दी है।”
बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार देते हुए केंद्र सरकार पर ‘जांच एजेंसियों के दुरुपयोग’ का आरोप लगाया।
🏛️ कांग्रेस का हमला
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस कार्रवाई को ‘तानाशाही और लोकतंत्र पर हमला’ बताया। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि जब भी विपक्ष सरकार से तीखे सवाल करता है, तब ईडी, इनकम टैक्स या सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाता है।
🧾 ईडी की आधिकारिक पुष्टि
प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक छापे की पुष्टि करते हुए कहा है कि प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अभी और लोगों से पूछताछ तथा दस्तावेजी जांच जारी रहेगी। कार्रवाई के बाद कुछ मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला अब राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई हलचल ला चुका है। जहां कांग्रेस इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रही है, वहीं ईडी इसे तथ्यों पर आधारित कार्रवाई बता रही है। इस हाई प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे और बड़े नामों की भूमिका उजागर हो सकती है।



