
बिलासपुर में एक नए काम्पलेक्स के निर्माण के लिए हरे भरे पेड़ों को काट दिया गया। आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर इस साजिश को रचा गया। बिजली तार के पेड़ से टकराने को इस कार्रवाई का कारण बताया जा रहा है। हालांकि खबर मिलते ही बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू ने पेड़ों की अवैध कटाई को तत्काल रुकवा दिया। एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
बिलासपुर में एक नए काम्पलेक्स के निर्माण के लिए कई हरे भरे पेड़ों को काट दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर इस साजिश को रचा गया। उनका कहना है कि बिजली तार के पेड़ से टकराने का खतरा था, जिसे टालने के लिए पेड़ों को काट दिया गया।
स्थानीय लोगों का विरोध
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि पेड़ों को काटने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा और शहर की सुंदरता भी खराब होगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पेड़ों को काटने की कार्रवाई को रोका जाए और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं।
प्रशासन की भूमिका
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन ने बिजली विभाग की साजिश को बढ़ावा दिया और पेड़ों को काटने की अनुमति दी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाता है।



