शिक्षक साझा मंच ने पेंशन, क्रमोन्नति, युक्तियुक्तकरण व डीएड प्रशिक्षण के लिए किया है आह्वान

Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। शिक्षिका सोना साहू की तर्ज पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान का भुगतान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाल करने, प्राचार्य पदोन्नति में डीएलएड को मान्य करने व युक्तयुक्तिकरण को रद्द कर 2008 का सेटअप लागू करने जैसी मांग को लेकर मंगलवार को शिक्षक साझा मंच के बैनर तले छत्तीसगढ़ के 1 लाख 80 हजार शिक्षक स्कूल छोड़कर हड़ताल पर नजर आएंगे।
छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत सहित प्रदेश संचालक ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के अलावा, क्रमोन्नत वेतनमान सहित प्रमुख मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर के शिक्षक स्कूल नहीं जाएंगे। मंगलवार को प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों में शिक्षक साझा मंच के बैनर तले आंदोलन करेंगे।
मंगलवार को प्रदेश की राजनीति एक बार फिर सरगर्म रहेगी। शिक्षक साझा मंच के बैनर तले प्रदेशभर के शिक्षक स्कूल के बजाय सड़क की लड़ाई लड़ेंगे। अपनी प्रमुख मांगों को हड़ताल के बहाने राज्य सरकार तक पहुंचाएंगे और मांगें पूरी करने दबाव बनाएंगे।
शिक्षक साझा मंच से जुड़े शिक्षक नेताओं व शिक्षकों की नाराजगी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में बीईओ व डीईओ द्वारा बरती गई मनमानी और हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी अभ्यावेदनों का समुचित निराकरण न करने से बढ़ती ही जा रही है। क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर भी शिक्षकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षक साझा मंच ने कहा कि शिक्षिका सोना साहू की तर्ज पर राज्य सरकार ने क्रमोन्नत वेतनमान का भुगतान सभी शिक्षकों को एरियर्स की राशि के साथ करे, पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान जारी करने के लिए राज्य शासन को जनरल आर्डर सभी शिक्षकों के लिए एकसाथ जारी करना चाहिए किंतु राज्य सरकार यह भी नहीं कर रही है। क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदेश के एक लाख से अधिक शिक्षकों को मिलना है।
शिक्षकों की नियुक्ति 1995 एवं 1998 से हुई है, लेकिन प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना न कर संविलियन तिथि 2018 से की जा रही है। जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिक्षक साझा मंच ने सभी शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवागणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित समस्त लाभ देने की मांग की है।
युक्तियुक्तकरण में सेटअप 2008 का पालन नहीं किया गया है। प्राथमिक शाला से शिक्षकों की संख्या 3 से घटकर दो कर दी गई है। मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी एक-एक शिक्षकों की कटौती कर दी गई है। इस प्रकार प्रदेश के स्कूलों में लगभग 57,000 शिक्षकों के पदों को एक झटके में समाप् दिया गया है, इससे नाराज हजारो शिक्षक सामूहिक अवकाश का आवेदन देकर हड़ताल में है।



