










00 बिलासपुर के लिंग्याडीह की घटना
Bilaspur, छत्तीसगढ़:
लिंग्याडीह में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर चल रही नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की मुहिम एक मासूम की जान ले गई। पांच साल के कैंसर पीड़ित बच्चे ने अपने जीवन की अंतिम सांस तब ली, जब उसके घर के आसपास तोड़फोड़ चल रही थी। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैला दिया है। स्थानीय लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर गरीबों के साथ इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
मानवता पर भारी पड़ा बुलडोजर
नगर निगम द्वारा लिंग्याडीह इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसके तहत आसपास के क्षेत्र में 300 से अधिक अतिक्रमण हटाए जाने थे। इस कार्यवाही के दौरान समय और तैयारी का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। इस बीच, कैंसर से पीड़ित संतोष यादव का 5 वर्षीय पुत्र हिमांशु यादव की घर टूटने के दौरान बिगड़ी हालत ने उसकी जिंदगी छीन ली।
मोहल्लेवासियों का उबाल
इस त्रासदी के बाद स्थानीय लोग गुस्से में आ गए। उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भविष्य में किसी गरीब के साथ ऐसा अन्याय न हो। उनका कहना था कि प्रशासन को ऐसी कार्यवाही से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशासन का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना की गहन जांच की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद और अन्य आवश्यक सहायता का वादा किया।
सवालों के घेरे में प्रशासन
यह घटना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सड़क चौड़ीकरण जैसी योजनाओं की ज़रूरत तो है, लेकिन क्या इसे मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर किया जाना चाहिए? गरीबों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की अनदेखी से प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों की अपील
मोहल्लेवासियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि सड़क चौड़ीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स को लागू करने से पहले गरीब और कमजोर वर्ग के लिए उचित पुनर्वास की योजना बनाई जाए। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन उसकी कीमत इंसानी जिंदगियों से चुकाना किसी भी सूरत में मंजूर नहीं होना चाहिए।
तत्कालीन कलेक्टर ने बनवाया था राशन कार्ड : दिलीप पाटिल

जिले में फर्जी और सक्षम लोगों के नाम पर बने बीपीएल राशन कार्ड के चलते असली जरूरतमंद लोग योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। इसी कड़ी में लिंगयाडीहक्षेत्र निवासी संत सीतू संतोष यादव का परिवार आर्थिक तंगी और आयुष्मान कार्ड न होने के कारण अपने 5 वर्षीय कैंसर पीड़ित बच्चे हिमांशु यादव के इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर था। वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल की पहल पर कलेक्टर ने पीड़ित बच्चे का राशन कार्ड 24 मार्च को बनवाया था। वार्ड पार्षद श्री पाटिल का कहना है कि लिंगियाडीह में तोड़ फोड़ के कारण आज कैंसर पीड़ित बच्चे की जान चली गई l 70 फीट तोड़ने के बजाए 200फीट अंदर मकान तोड़ दिया गया निजी भूमि वालों को फायदा पहुंचाने के लिए l वो व्यक्ति विनती करते रह गया मकान मत तोड़ो मेरे बच्चे को कैंसर है समय दे दो एक नहीं सुना गया।



