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कोटा पुलिस ने ‘चेतना’ पहल के विस्तार के साथ सामुदायिक पुलिसिंग में पेश की मिसाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 आमने गांव मे हुई ‘चेतना मित्र समिती’ की स्थापना

Bilaspur। समावेशी और जन-सहभागिता पर आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए कोटा पुलिस ने बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह के नेतृत्व में एक प्रभावशाली सामुदायिक पहल ‘चेतना’ का सफलतापूर्वक विस्तार किया है।

यह पहल, जो वरिष्ठ एसपी  रजनेश सिंह की परिकल्पना पर आधारित है, का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की भागीदारी से ‘चेतना मित्र समिति’ के माध्यम से जन-जागरूकता और सुरक्षा को सशक्त करना है।

कोटा थाना प्रभारी, आईपीएस सुमित कुमार और कोटा थाने की टीम के मार्गदर्शन में इस पहल को प्रभावशाली तरीके से लागू किया गया है। पहले यह समिति भरारी गांव में स्थापित की गई थी और अब इसे नेवरा और अमने गांवों में भी शुरू किया गया है।

चेतना मित्र समिति निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में कार्य कर रही है:
• साइबर अपराध जागरूकता
• महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की रोकथाम
• सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता
• नशा मुक्ति (नशीले पदार्थों के प्रति जागरूकता और कार्यवाही) *

भरारी गांव में इस समिति की सफलता के स्पष्ट परिणाम सामने आए हैं। स्थानीय सहयोग से महुआ जैसी अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर सख्त कार्यवाही हुई है। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है।

यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को सशक्त करती है, बल्कि जनसहयोग से जागरूकता, रोकथाम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी बढ़ावा देती है। नेवरा और अमने में इस मॉडल की पुनरावृत्ति, जनता और पुलिस के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है और बिलासपुर जिले में सक्रिय और सहभागिता पर आधारित पुलिसिंग की एक नई दिशा का संकेत देती है।

चेतना पहल इस बात का प्रमाण है कि दूरदर्शी नेतृत्व और जमीनी स्तर पर सहभागिता से समाज को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सकता है। चेतना महिला मित्र गठन में थाना प्रभारी IPS (प्रशिक्षु) सुमित कुमार, उनि राज, उनि मीना ठाकुर आर0 भोप साहू का योगदान रहा ।

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