बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी जू में शनिवार की शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। जू में मौजूद बाघिन ने गेटकीपर आशीष पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान बाघिन ने गेटकीपर के हाथों को बुरी तरह से नोच डाला। घायल को तुरंत इलाज के लिए सिम्स ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


कानन पेंडारी जू के प्रभारी एसके नाग ने बताया कि घटना किस परिस्थिति में हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के समय गेटकीपर भोजन देने के लिए बाड़े में नहीं गया था, फिर भी इस तरह का हमला होना जू प्रबंधन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है।
जू प्रबंधन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न करने का सवाल खड़ा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है। इस घटना ने कर्मचारियों और जानवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महावत की गैरमौजूदगी में नाराज हाथी ने चारा-कटर पर किया हमला
अचानकमार टाइगर रिजर्व, सिहावल:

Bilaspur बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व के सिहावल एलिफेंट कैंप में बुधवार शाम एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब राजू नामक दंतैल हाथी ने चारा-कटर पंचराम बैगा पर हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब पंचराम हाथी को चारा देकर आगे बढ़ रहे थे। राजू हाथी, जो जंजीर से बंधा था, ने अचानक सूंड से पंचराम को उठा कर पटक दिया, जिससे उन्हें चोटें आईं। हालांकि, अस्पताल में उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
विशाल दंतैल हाथी राजू अपने छोटे कुनबे के साथ सिहावल कैंप में रहता है और उसे वन मास्टर एलिफेंट माना जाता है। उसकी विशेषता यह है कि वह अपने महावत रजवाड़े के प्रति बेहद लगाव रखता है। महावत रजवाड़े पिछले एक सप्ताह से पारिवारिक काम के चलते अपने गांव सरगुजा गए हुए हैं। समझा जा रहा है कि अपने महावत की गैरमौजूदगी से राजू हाथी उदासी और हताशा का शिकार हो गया था, जिसकी परिणति पंचराम बैगा पर हुए हमले के रूप में हुई।
राजू हाथी, जिसे मदकाल के दौरान केवल महावत रजवाड़े ही संभाल सकते हैं, अन्य किसी व्यक्ति को अपने पास फटकने नहीं देता। महावत की अनुपस्थिति में उसे खाना-पानी की कोई कमी नहीं हुई, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव की कमी के कारण वह चिड़चिड़ा हो गया।
महावत रजवाड़े को इस घटना की जानकारी दे दी गई है, और वह जल्द ही कैंप पहुंचने वाले हैं। रजवाड़े का मानना है कि उनके पहुंचने के बाद राजू हाथी शांत हो जाएगा और पूर्ववत व्यवहार करने लगेगा।
टाइगर के हमले में किसान हुआ था घायल
तखतपुर के कठमुडा गांव में खेत में काम कर रहे शिव कुमार जायसवाल पर आज सुबह 6 बजे बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। हमले घायल होने बाद शिव कुमार भाग कर झाड़ी में छुप गया और अपने परिजनों को कॉल कर बुलाया जिसके बाद सिम्स में भर्ती किया गया है।
घटना की जानकारी के बाद बिलासपुर डीएफओ सत्यदेव शर्मा घटना स्थल पहुंचे और बाघ के हमले की पुष्टि की है।
बाघ अभी भी गांव से 2 किलोमीटर दूर झाड़ियों में आराम कर रहा है।
बाघ होने की सूचना अचानकमार टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर मनोज पांडे को दी गई है उनकी टीम भी घटना स्थल में है और फील्ड डायरेक्टर भी।
बाघ को सुरक्षित अचानकमार टाइगर रिजर्व कैसे पहुंचाया जाए इस पर विचार चल रहा है… ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुधीर अग्रवाल ने दे दी है। कानन पेंडारी की टीम भी घटना स्थल पहुंचने वाली है।
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