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छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड: 5000 करोड़ की संपत्ति होगी अब सार्वजनिक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 सभी मस्जिदों के मुतवालियों को जारी किया गया था आदेश

00 किराया समेत विभिन्न जानकारियां होगी देनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने अपनी 5000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटाइजेशन की पहल शुरू की है। मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों, और कब्रिस्तानों समेत सभी संपत्तियों का विवरण अब सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। 90% संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने के कारण बोर्ड इनका सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। IIT दिल्ली इस डिजिटलीकरण प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग देगा। यह पहल न केवल वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा बल्कि सामुदायिक विकास में भी योगदान देगी।

वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का मानना है वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन एक बड़ा कदम है जो पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड के पास 5000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जिनमें मस्जिदें, मदरसे, दरगाहें, कब्रिस्तान, दुकानों, स्कूलों, कृषि भूमि, और प्लॉट शामिल हैं।
क्या-क्या होगा

  1. संपत्ति की जानकारी सुरक्षित और सेंट्रल पोर्टल पर उपलब्ध होगी।
  2. अवैध कब्जों को रोकने में मदद मिलेगी।
  3. आय और उपयोग का सही हिसाब रखा जा सकेगा।

90% संपत्ति पर अवैध कब्जे का दावा

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की 5000 करोड़ रुपये की संपत्ति में से 90% पर अवैध कब्जा है।
मुख्य क्षेत्र:

  • शहरी क्षेत्र: 3500 करोड़ रुपये की संपत्ति।
  • ग्रामीण क्षेत्र: 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति।
    कुल 2006 संपत्तियां रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, और अन्य जिलों में फैली हुई हैं।

जानिए क्या है निर्देश

वक्फ बोर्ड ने सभी मुतवल्लियों (संपत्ति प्रबंधकों) को 12 फरवरी तक संपत्तियों का विवरण भेजने के निर्देश दिए हैं।
मांगी गई जानकारी:

  • मस्जिदों, मदरसों, और कब्रिस्तानों का विवरण।
  • किराए की जानकारी और आय का रिकॉर्ड।
    कार्यवाही:
  • सेंट्रल पोर्टल पर जानकारी अपलोड की जाएगी।
  • कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

IIT दिल्ली को जिम्मेदारी

डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में IIT दिल्ली प्रमुख भूमिका निभाएगा।
प्रक्रिया:

  1. सभी दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में परिवर्तित करना।
  2. सेंट्रल पोर्टल पर अपडेट करना।
  3. संपत्तियों की स्थिति पर निगरानी रखना।

वक्फ संपत्तियों का बेहतर उपयोग कैसे होगा?

डॉ. सलीम राज के अनुसार, अवैध कब्जों को हटाकर संपत्तियों को सही उपयोग में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
  • धार्मिक और सामाजिक विकास।
  • वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास

केंद्र सरकार और अल्पसंख्यक मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह कदम वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित करने और पारदर्शिता लाने का प्रयास है।
लाभ:

  • संपत्ति का उचित प्रबंधन।
  • विवादों और भ्रष्टाचार पर रोक।
  • समुदाय का सशक्तिकरण।


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