Latest news

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ का छुपा खजाना, जो सैलानियों के  लिए है आकर्षण का केंद्र

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
7 Min Read

00 राज्य की संस्कृति, इतिहास और प्रकृति के साथ एक जुड़ाव है

00 यहां आकर मन हो जाता है प्रफुल्लित

बिलासपुर। पर्यटन केवल घूमने-फिरने की बात नहीं है, यह संस्कृति, इतिहास और प्रकृति के साथ एक जुड़ाव है। छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला, जिसे “छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी” भी कहा जाता है, ऐसे अनगिनत खजानों का घर है, जो हर तरह के सैलानी के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान करते हैं। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक महत्व के स्थल, सभी इस क्षेत्र को अद्वितीय बनाते हैं।

हाल के वर्षों में, बिलासपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की है। यहां की प्राचीन मूर्तियां, जंगल, नदियां और ऐतिहासिक संरचनाएं देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। आइए, जानें उन स्थलों के बारे में जो बिलासपुर को सैलानियों के लिए स्वर्ग बनाते हैं।

1. ताला: मूर्तिकला और पुरातत्व का स्वर्ग

बिलासपुर के ताला क्षेत्र को छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास का गौरव कहा जा सकता है। यह स्थल भारतीय मूर्तिकला और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। ताला गांव में स्थित देवरानी-जेठानी मंदिर और यहां मिली रुद्रशिव मूर्ति पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं।

देवरानी-जेठानी मंदिर का इतिहास

देवरानी और जेठानी मंदिर 7वीं-8वीं शताब्दी के शरभपुरीय राजाओं के शासनकाल में बनाए गए थे। इन मंदिरों की खोज 19वीं शताब्दी में पुरातत्वविद् जे.डी. वेलगर ने की थी। यह स्थल भगवान शिव के उपासकों और पुरातत्व प्रेमियों के लिए खास है।

रुद्रशिव मूर्ति की विशेषता

1987-88 में यहां खुदाई के दौरान शिव की अनोखी मूर्ति प्राप्त हुई, जिसे “रुद्रशिव” कहा जाता है। 2.7 मीटर ऊंची यह प्रतिमा विभिन्न पशुओं और जीवों के अंगों से बनी है। सिर पर सांप का मुकुट, मोर जैसे कान, और केकड़ा जैसी ठुड्डी इसे विशिष्ट बनाती है।

ताला क्यों जाएं?

अद्वितीय मूर्तिकला के दर्शन

पुरातात्विक धरोहरों की गहराई में झांकने का अवसर

2. लुतरा शरीफ: आस्था और सौहार्द्र का केंद्र

धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक, लुतरा शरीफ, बाबा सैय्यद इंसान अली शाह की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है। यह दरगाह केवल मुस्लिम समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था का केंद्र है।

लुतरा शरीफ का महत्व

श्रद्धालु यहां मनोकामनाएं लेकर आते हैं और उनकी मान्यताओं के अनुसार, यह दरगाह किसी भी धर्म के बंधन से ऊपर उठकर चमत्कारी सिद्ध होती है।

लुतरा शरीफ क्यों जाएं?

आध्यात्मिक शांति का अनुभव

धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक

3. मल्हार: पुरातत्व प्रेमियों का स्वर्ग

मल्हार, बिलासपुर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां ताम्र पाषाण काल से लेकर मध्यकाल तक के कई प्रमाण मिले हैं।

मल्हार का इतिहास और उत्खनन

मल्हार में मिले पुरातात्विक अवशेष ताम्र युग से संबंधित हैं। यहां भीम किचक मंदिर, ऋषभदेव मंदिर, और बौद्ध स्तूप जैसे स्मारक स्थित हैं। इसके अतिरिक्त यहां से ताम्रपत्र और ब्राह्मी लिपि में लिखे अभिलेख भी प्राप्त हुए हैं।

मल्हार क्यों जाएं?

ताम्र युगीन अवशेष और बौद्ध स्मारकों का अन्वेषण

इतिहास को करीब से समझने का अवसर

4. रतनपुर: महामाया देवी का पवित्र धाम

छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रतनपुर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थल है। यहां स्थित महामाया देवी का मंदिर शक्ति उपासकों के लिए मुख्य आकर्षण है।

महामाया मंदिर का इतिहास

11वीं शताब्दी में राजा रत्नदेव प्रथम ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर महाकाली, महासरस्वती और महालक्ष्मी के त्रिमूर्ति स्वरूप को समर्पित है। नवरात्रि के समय यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

रतनपुर क्यों जाएं?

शक्ति पीठ के दर्शन

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का अनुभव

5. कानन पेंडारी: प्रकृति और वन्यजीवन का संगम

प्रकृति प्रेमियों के लिए, बिलासपुर का कानन पेंडारी चिड़ियाघर एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यह चिड़ियाघर बच्चों और परिवारों के साथ समय बिताने के लिए एक आदर्श स्थान है।

कानन पेंडारी क्यों जाएं?

दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर

प्रकृति की गोद में समय बिताने का सुखद अनुभव

6. खूंटाघाट (खारंग जलाशय): पिकनिक स्पॉट

खूंटाघाट बांध, जिसे खारंग जलाशय भी कहा जाता है, बिलासपुर के सबसे सुंदर स्थलों में से एक है। पहाड़ियों और हरियाली से घिरा यह स्थल सुकून और शांति प्रदान करता है।

खूंटाघाट क्यों जाएं?

पिकनिक और परिवार के साथ समय बिताने के लिए

प्रकृति और जलाशय के सौंदर्य का आनंद लेने के लिए

पर्यटन के लिए बिलासपुर क्यों खास है?

बिलासपुर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक अनमोल पर्यटन स्थल बनकर उभर रहा है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व, और सांस्कृतिक विरासत इसे एक संपूर्ण पर्यटन स्थल बनाते हैं।

जिला प्रशासन की पहल

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने यहां के स्थलों को और भी आकर्षक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे:

कुरदर और बेलगहना में रिजॉर्ट्स का निर्माण

पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण और पहुंचमार्गों का विकास

ठहरने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

बिलासपुर का पर्यटन

पर्यावरणीय पर्यटन: जंगल, नदियां और पहाड़ियां

धार्मिक पर्यटन: महामाया देवी मंदिर और लुतरा शरीफ

ऐतिहासिक पर्यटन: ताला, मल्हार और रतनपुर

छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की दिखती है झलक

बिलासपुर का हर कोना एक नई कहानी कहता है। यह शहर प्राचीन इतिहास, सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता का एक आदर्श मिश्रण है। यहां का पर्यटन आपको न केवल आनंद देगा, बल्कि आपको छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत और संस्कृति के करीब भी ले जाएगा।तो अगली बार जब आप किसी नई जगह की तलाश करें, तो बिलासपुर के पर्यटन स्थलों की यात्रा जरूर करें और अपने जीवन में कुछ अनमोल यादें जोड़ें।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।