00 बिलासपुर पुलिस पूरे गिरोह की कमर तोड़ने में जुटी
00 ड्रग पेडलर गिन्नी की 35 लाख की संपत्ति हो चुकी है जब्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के सौदागरों पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से नशीले इंजेक्शन और टेबलेट की सप्लाई से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना, संजीव उर्फ सुच्चा सिंह को आखिरकार पकड़ लिया गया है। बिलासपुर पुलिस के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन को क्षेत्र में नशे के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कौन है नशे का किंगपिन
संजीव उर्फ सुच्चा सिंह (उम्र 53 वर्ष) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला है। उसका स्थायी पता टिकरापारा, कंसा चौक, थाना सिटी कोतवाली, बिलासपुर है। यह व्यक्ति पिछले 20 वर्षों से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त है। उसने छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में भी नशीले इंजेक्शन और टेबलेट की सप्लाई की।
शुरुआत से अपराध की ओर झुकाव
संजीव का आपराधिक सफर 2005 में शुरू हुआ। उसने नशीले पदार्थों की सप्लाई को अपना मुख्य पेशा बना लिया। वह धीरे-धीरे इस नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी बन गया और पूरे क्षेत्र में नशे की जड़ें फैलाने में सफल रहा।
कैसे काम करता था नशे का यह नेटवर्क?
संजीव उर्फ सुच्चा सिंह ने नशे के कारोबार को बेहद संगठित ढंग से चलाया। वह नशीले इंजेक्शन और टेबलेट को विभिन्न राज्यों से खरीदकर छत्तीसगढ़ और अन्य इलाकों में सप्लाई करता था।
मुख्य स्रोत और सप्लाई का तरीका
राज्य: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली।
प्रमुख सामग्री: नशीले इंजेक्शन, टेबलेट, और कोडीन सिरप।
खरीदार: छोटे स्तर के डीलर जैसे पप्पू श्रीवास और अकांक्षा, जो इन्हें स्थानीय बाजार में बेचते थे।
संपत्ति अर्जन का तरीका
नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित रकम का उपयोग जमीन, दुकान और अन्य संपत्तियों की खरीद में किया गया।
अपराधिक रिकार्ड*
बिलासपुर के विभिन्न थानो में दर्ज है आरोपी के विरूध्द विभिन्न मामले
1 कोनी 164/2007 20बी एनडीपीएस एक्ट 2553 नग नश्ीली इंजेक्शन
2 तारबाहर 117/2009 21 एनडीपीएस एक्ट 1500 नग नश्ीली इंजेक्शन
3 तारबाहर 126/2013 20बी एनडीपीएस एक्ट 9600 नग नशीली इंजेक्शन व टेबलेट
4 कोतवाली 370/2018 21एनडीपीएस एक्ट 7200 नग नशीले टेबलेट
5 सरकण्डा 258/2023 21,22, एनडीपीएस एक्ट 102 नग इंजेक्शन व 20 कोडिंग युक्त सिरप
6 सिविल लाईन 162/2023 21,22,29 एनडीपीएस एक्ट 1645 नग एवील इंजेक्शन
पुलिस की रणनीति
इस सफलता के पीछे बिलासपुर पुलिस की सुनियोजित रणनीति है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले की डायरी का गहन अध्ययन किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्य सरगना तक पहुंचा जाए।
तकनीकी साक्ष्य और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन
आरोपी के मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई।
संपत्तियों की खरीद और उनकी फंडिंग के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की मौजूदगी जबलपुर में पाई गई।
टीम का गठन और कार्रवाई
नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइंस निमितेश सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इसमें निरीक्षक अवधेश सिंह और अजरुद्दीन के साथ अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
संपत्ति का जाल: नशे की कमाई का इस्तेमाल
नशे के पैसे से अर्जित संपत्ति पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। NDPS एक्ट के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
अंतरराज्यीय नेटवर्क और गिरोह की मजबूती
संजीव उर्फ सुच्चा सिंह ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों में भी नशे का जाल फैलाया।
उसने छोटे डीलरों को सामान सप्लाई किया।
गुप्त पहचान: उसने खुद को “छाबड़ा कंस्ट्रक्शन” का संचालक बताकर लोगों की नजरों से बचने की कोशिश की।
संपत्ति जब्त करने पुलिस की तैयारी
संपत्तियों की जब्ती: नशे के पैसे से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
फाइनेंशियल ट्रेसिंग: आरोपी के बैंक खातों और निवेश की पूरी जांच की जाएगी।
नेटवर्क की कमर तोड़ने का प्रयास: पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है।
पुलिस टीम की सराहना और पुरस्कार की घोषणा
इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
टीम के सदस्य
नगर पुलिस अधीक्षक: निमितेश सिंह
निरीक्षक: अवधेश सिंह और अजरुद्दीन
अन्य सदस्य: आतिश पारिख, राहुल सिंह, दीपक उपाध्याय, मुकेश वर्मा



