16 साल से इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदों को मिला बल, 295 किमी लंबी रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम
तोखन साहू के प्रयासों को मिली अहम सफलता, प्रधानमंत्री मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में कटघोरा से डोंगरगढ़ तक नई रेल लाइन बिछाने की बहुप्रतीक्षित परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से परियोजना के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले से 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा–तखतपुर–मुंगेली–कवर्धा–खैरागढ़–डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत हुआ है। इस रेल लाइन के लिए क्षेत्र के लोग पिछले 16 वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।
परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में राज्य सरकार के इस निर्णय का केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
छह प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगा रेल कनेक्टिविटी का लाभ
प्रस्तावित रेल लाइन कटघोरा, तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए आवागमन के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके निर्माण से इन क्षेत्रों के नागरिकों को रेल परिवहन की सुविधा मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। साथ ही, व्यापार-वाणिज्य, औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रेल लाइन के विस्तार से क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से इस परियोजना की मांग कर रहे लोगों के लिए राज्य सरकार की मंजूरी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
केंद्र और राज्य के समन्वय से आगे बढ़ेगी परियोजना
केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त इस रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले को रेल अवसंरचना के विकास में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।
तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अवसंरचना के विस्तार और आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में इस परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से इक्विटी निवेश को मंजूरी मिलना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
तोखन साहू ने जताया आभार, कहा—विकास को मिलेगी नई गति
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जन-आकांक्षाओं को बल मिलेगा और छत्तीसगढ़ के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, समृद्धि और जनसुविधाओं को मजबूत करने का माध्यम भी बनेगी। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
16 साल के इंतजार को खत्म कराने के लिए किए भागीरथी प्रयास
कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग रही है। इस परियोजना को स्वीकृति मिलने और इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तोखन साहू ने भागीरथी प्रयास किए थे। अब राज्य मंत्रिपरिषद की ओर से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
कुल मिलाकर, 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा–तखतपुर–मुंगेली–कवर्धा–खैरागढ़–डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार की दृष्टि से अहम है। राज्य सरकार की मंजूरी से इसके क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने, व्यापार-वाणिज्य को प्रोत्साहित करने, पर्यटन के विस्तार और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने और परियोजना पूरी होने की समय-सीमा को लेकर अभी अलग से जानकारी सामने नहीं आई है।
