अरपा-भैंसाझार बैराज से छोड़ा जा रहा पानी, नदी में उतरने पर हादसे का खतरा; कलेक्टर-एसएसपी की मौजूदगी में नए विसर्जन मार्ग पर बनी सहमति, इस साल दुर्गा विसर्जन पुराने मार्ग से ही होगा



बिलासपुर। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील की है। अरपा-भैंसाझार बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में विसर्जन के दौरान नदी में उतरना या असुरक्षित किनारों पर खड़े होकर प्रतिमा विसर्जन करना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों, श्रद्धालुओं और दुर्गोत्सव समितियों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा बच्चों को नदी और उसके किनारों से दूर रखने की अपील की है।
वहीं, शहर में विसर्जन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए आयोजन समितियों और नागरिकों की पहल पर नए मार्ग को लेकर सहमति बनी है। अगले वर्ष गणेश विसर्जन से झांकियां और प्रतिमाएं रिवर व्यू रोड से निकाली जाएंगी। हालांकि, इस वर्ष दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित मार्ग से ही होगा।
नदी के तेज बहाव से हादसे का खतरा, प्रशासन ने किया सतर्क
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए अरपा-भैंसाझार बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी के जलस्तर और बहाव में अचानक वृद्धि होने की आशंका है। जिला प्रशासन और नगर निगम बिलासपुर ने श्रद्धालुओं से नदी में नहीं उतरने और पानी के नजदीक अथवा असुरक्षित किनारों पर खड़े होकर विसर्जन करने से बचने का आग्रह किया है।
प्रशासन के मुताबिक, तेज बहाव और जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से दुर्घटना हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों को नदी और उसके किनारों से दूर रखना जरूरी है। नागरिकों और दुर्गोत्सव समितियों से अपील की गई है कि विसर्जन के दौरान सतर्कता बरतें और प्रशासन तथा संबंधित विभागों के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही, दूसरे लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें।
आयोजन समितियों और नागरिकों की पहल पर बदलेगी विसर्जन व्यवस्था
शहर की उत्सव परंपरा को बनाए रखते हुए बढ़ती आबादी, यातायात के दबाव और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर विसर्जन मार्ग में बदलाव की पहल की गई है। 17 अक्टूबर 2026 को रिवर व्यू ग्राउंड में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में दुर्गा उत्सव आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों और नागरिकों की बैठक हुई।
बैठक में विसर्जन मार्ग, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद अगले वर्ष गणेश विसर्जन से रिवर व्यू रोड को नए मार्ग के रूप में अपनाने पर सर्वसम्मति बनी।
परिवार के साथ झांकियां देखने की मिलेगी बेहतर सुविधा
बैठक में आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने कहा कि रिवर व्यू रोड से झांकियां और प्रतिमाएं निकाले जाने से लोगों को परिवार के साथ शांतिपूर्वक झांकियों के दर्शन करने का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे मुख्य सड़कों पर भीड़ और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बाजारों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियां भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर की गौरवशाली उत्सव परंपरा को बनाए रखते हुए शहर की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाओं में बदलाव सामूहिक सहयोग से ही संभव है। इसी भावना के साथ अगले वर्ष गणेश विसर्जन से नए मार्ग को अपनाने पर सहमति व्यक्त की गई।
इस साल पुराने मार्ग से ही होगा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन
दुर्गा विसर्जन का आयोजन निकट होने के कारण इस वर्ष मार्ग बदलने के बजाय पूर्व निर्धारित व्यवस्था को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। यानी इस साल दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पुराने निर्धारित मार्ग से ही होगा, जबकि नए मार्ग की व्यवस्था अगले वर्ष गणेश विसर्जन से लागू करने की तैयारी रहेगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने आयोजन समितियों एवं नागरिकों के सामूहिक निर्णय का स्वागत करते हुए प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
नए मार्ग पर सफाई, रोशनी, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था
प्रशासन की ओर से नए मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सफाई, पर्याप्त रोशनी, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। आयोजन समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में बिलासपुर की आपसी सद्भाव और भाईचारे की परंपरा के अनुरूप उत्सव मनाने तथा युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से आयोजनों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। सभी आयोजन समितियों और नागरिकों से नए निर्णय को सफल बनाने में सहयोग की अपील की गई।
प्रशासन की अपील: खुद भी सुरक्षित रहें, दूसरों को भी सतर्क करें
जिला प्रशासन और नगर निगम ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें। नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्र से दूर रहें, असुरक्षित किनारों पर भीड़ न लगाएं और बच्चों की विशेष निगरानी करें। उत्सव की खुशियों के बीच सावधानी और सामूहिक जिम्मेदारी से ही विसर्जन को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
