10 अक्टूबर को बीटी ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन, प्रदेशभर की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जुटने के निर्देश; राहुल गांधी के पितृसत्ता संबंधी बयान पर भाजपा का पलटवार
रायपुर/बिलासपुर। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में टकराव तेज होने के आसार हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में मणिपुर के कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की है। महिला मोर्चा ने 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में धरना-प्रदर्शन कर कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। इसके लिए संगठन ने प्रदेशभर की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा महिला मोर्चा इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस की राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही पर सवाल उठाने की तैयारी में है। संगठन का कहना है कि कांग्रेस एक ओर महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्ता समाप्त करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके सांसद पर छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर महिला मोर्चा कांग्रेस के खिलाफ प्रदेशव्यापी विरोध दर्ज कराने जा रहा है।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पितृसत्ता खत्म करने संबंधी बयान के संदर्भ में कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस को अपने नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में भी जवाबदेही दिखानी चाहिए।
महिला मोर्चा इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच अंतर का मुद्दा उठाएगा। भाजपा की रणनीति इस प्रकरण को केवल आरोपों तक सीमित न रखकर महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही के व्यापक सवाल से जोड़ने की है। हालांकि, सांसद पर लगे आरोपों की पुष्टि और मामले की कानूनी स्थिति से संबंधित तथ्यों को स्वतंत्र रूप से स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
प्रदेशभर की महिला कार्यकर्ताओं को रायपुर पहुंचने का निर्देश
प्रस्तावित प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के निर्देश पर प्रदेश पदाधिकारियों, प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों, संभाग प्रभारियों, जिला अध्यक्षों और जिला महामंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों से महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके साथ ही विधायकों, सांसदों तथा नगरीय निकायों और पंचायतों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कराने पर जोर दिया गया है। संगठन का लक्ष्य राजधानी में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी के साथ कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज कराना है।
प्रदेश महामंत्री शीतल नायक और फुलेश्वरी पैकरा ने भी संबंधित पदाधिकारियों को कार्यक्रम की सूचना तत्काल पहुंचाने और निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
दोपहर एक बजे बीटी ग्राउंड में प्रस्तावित धरना
भाजपा महिला मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 अक्टूबर को दोपहर एक बजे रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटी ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के घेराव की तैयारी है। महिला मोर्चा इस आयोजन के जरिए प्रदेशभर में कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेगा।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सियासी संग्राम के आसार
महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रस्तावित आंदोलन छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस सांसद पर लगे आरोपों को लेकर भाजपा संगठन अब सीधे कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की तैयारी में है। वहीं, राहुल गांधी के पितृसत्ता संबंधी बयान को मुद्दा बनाकर भाजपा महिला मोर्चा कांग्रेस से जवाब मांगने की रणनीति अपना रहा है।
अब सबकी निगाहें रायपुर में होने वाले प्रदर्शन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महिला मोर्चा का आंदोलन कितना व्यापक होता है और कांग्रेस इन आरोपों तथा भाजपा के राजनीतिक हमले पर क्या प्रतिक्रिया देती है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े इस पूरे प्रकरण में आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा तथ्यों की स्पष्टता भी अहम रहेगी।



