मेंड्रा में बच्ची को बचाने पहुंची दादी की हत्या, चकरभाठा में छह वाहन चोर गिरफ्तार; बिल्हा में चाकू लहराते दो युवक पकड़े गए, सकरी में तलवार के साथ आरोपी गिरफ्तार






बिलासपुर। जिले में हत्या, धारदार हथियारों से दहशत फैलाने, वाहन चोरी और लंबे समय से फरार वारंटियों के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई की है। मेंड्रा में तीन साल की बच्ची को बचाने पहुंची उसकी दादी की धारदार हथियार से हमला किए जाने के बाद मौत हो गई, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी ओर, चकरभाठा पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में छह आरोपियों को पकड़ा है। बिल्हा में सरप्राइज चेकिंग के दौरान चाकू लहराते दो युवक गिरफ्तार किए गए, वहीं सकरी में तलवार लेकर लोगों को डराने के आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया। बिल्हा पुलिस ने ऑपरेशन बाज के तहत चार स्थायी वारंटियों को भी न्यायालय में पेश किया।
जिले में हुई इन अलग-अलग घटनाओं और पुलिस कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने और संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई है।
1. मेंड्रा में मासूम को बचाने पहुंची दादी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। ग्राम मेंड्रा में 17 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे पुरानी रंजिश के चलते तीन साल की बच्ची को धारदार हथियार के साथ ले जाने का प्रयास करने का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां और दादी राजकुमारी यादव (56) ने आरोपी को रोकने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी प्रशांत शुक्ला (26) ने दादी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल राजकुमारी यादव को उपचार के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
2. चकरभाठा में वाहन चोरी का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। एयरपोर्ट तिराहे से होंडा साइन मोटरसाइकिल चोरी के मामले में चकरभाठा पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में अमन वर्मा, रंजीत श्रीवास, आशीष वर्मा, अजय उर्फ अज्जू वर्मा, नरेश गोड़ और मानस यादव शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और एक बैटरी बरामद की है। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामले में अपराध क्रमांक 604/2026 के तहत कार्रवाई की गई है।
3. बिल्हा में सरप्राइज चेकिंग के दौरान चाकू लहराते दो युवक पकड़े गए
बिलासपुर। नवरात्रि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिल्हा पुलिस की सरप्राइज चेकिंग में दो युवक चाकू के साथ पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को डोड़कीभाठा मोड़ के पास जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार आकाश सारथी (20) और मनीष सागर (20) को पकड़ा गया।
पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो स्टील के चाकू और मोटरसाइकिल क्रमांक CG10BR 5190 जब्त की है। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
4. सकरी महामाया मंदिर के पास तलवार लहराने वाला आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। सकरी के महामाया मंदिर के पास तलवार लहराकर लोगों को डराने-धमकाने के आरोप में पुलिस ने इंद्रकुमार साहू उर्फ इंदु उर्फ बिट्टू साहू (27) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को 17 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा और उसके कब्जे से धारदार तलवार जब्त की। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 970/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 में कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
5. ऑपरेशन बाज के तहत चार स्थायी वारंटी पकड़े गए
बिलासपुर। लंबे समय से फरार स्थायी वारंटियों की तलाश में चलाए जा रहे ऑपरेशन बाज के तहत बिल्हा पुलिस ने चार वारंटियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया। इनमें जयंत भास्कर (32), संजू डहरिया (15), सूरज मरावी (20) और मंगलदास डहरिया (61) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी नकबजनी, आबकारी और विद्युत अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित थे। सूचना तंत्र की मदद से उनकी तलाश की गई। पुलिस ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर थाना क्षेत्र में 10 स्थायी वारंट तामील किए गए हैं। आगे भी वारंटियों की धरपकड़ जारी रहेगी।
पुलिस की कार्रवाई के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल
बिलासपुर जिले में सामने आए इन मामलों में एक ओर गंभीर हिंसक अपराध में महिला की मौत हुई, तो दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर चाकू और तलवार लेकर लोगों को डराने के मामले सामने आए। वाहन चोरी और फरार वारंटियों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की है।
अब इन कार्रवाइयों के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने, संगठित चोरी और हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस की निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। अपराध के बाद गिरफ्तारी के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की रोकथाम और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।
