Latest news

योजनाओं की भरमार, फिर भी बैगा बेटियां कुपोषित… इलाज के लिए तरस रही 13 और 18 साल की बेटियां, विधायक अटल ने कलेक्टर को लिखा पत्र

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read

कोटा के उमरिया-चुनाखोदरा का मामला; अटल श्रीवास्तव बोले- कागजों से निकलकर बैगा बस्तियों तक पहुंचे सरकार, जिम्मेदारी तय हो
कोटा। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज की दो बेटियों के अत्यधिक कुपोषित और बीमार होने की जानकारी सामने आने के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने मामले को लेकर कलेक्टर, बिलासपुर को पत्र लिखकर दोनों बालिकाओं के तत्काल उपचार, पोषण और आवश्यक शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
विधायक के अनुसार विकासखंड कोटा के ग्राम उमरिया के चुनाखोदरा निवासी कु. अनीता पिता संतराम (18 वर्ष) और कु. सरिता पिता गंगा राम (13 वर्ष) अत्यधिक कुपोषित एवं बीमार हैं। दोनों बालिकाएं विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय से संबंधित हैं।
एक तरफ योजनाओं का दावा, दूसरी तरफ कुपोषण की तस्वीर
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बैगा समाज को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र-पुत्री कहा जाता है, लेकिन उनके परिवार आज भी कुपोषण, बीमारी, गरीबी और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उनके मुताबिक यह स्थिति उन सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है, जिनमें आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की ओर से बैगा एवं अन्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम-जनमन मिशन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, आयुष्मान भारत योजना और मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, तो फिर बैगा समाज की बेटियां गंभीर कुपोषण और बीमारी की स्थिति में क्यों पहुंच रही हैं?
‘योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें’
विधायक ने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा करने और आंकड़े जारी करने से बैगा समाज का कल्याण नहीं होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति और अंतिम परिवार तक पहुंचाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाएं वास्तव में जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं, तो विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों में इस तरह की गंभीर स्थिति सामने नहीं आनी चाहिए।
तत्काल इलाज के साथ पोषण और दवाइयों की मांग
अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर से मांग की है कि दोनों बालिकाओं की तत्काल चिकित्सकीय जांच कराई जाए और उनकी स्थिति के अनुसार समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयां और अन्य शासकीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
विधायक ने केवल इन दोनों बालिकाओं तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय कोटा विधानसभा क्षेत्र के बैगा एवं अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्रामों में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण सर्वे कराने की भी मांग की है। इसके तहत गंभीर रूप से बीमार और कुपोषित लोगों का चिन्हांकन करने तथा प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की गई है।
‘जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो’
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बैगा समाज की बेटियों का कुपोषण और बीमारी से जूझना केवल एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से कागजों पर चल रही योजनाओं से बाहर निकलकर बैगा बस्तियों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बैगा समाज के स्वास्थ्य, पोषण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन को समयबद्ध और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसी भी बैगा परिवार को इलाज और पोषण के अभाव में जीवन संकट का सामना न करना पड़े।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।