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बिलासपुर के सिम्स में एमबीबीएस के नए विद्यार्थियों ने ली कैडेवरिक शपथ, कैडेवर को माना पहला शिक्षक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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सिम्स के शरीर रचना विज्ञान विभाग में हुआ समारोह; विद्यार्थियों ने मानवता और समाज की सेवा का लिया संकल्प

बिलासपुर, 30 सितंबर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के शरीर रचना विज्ञान विभाग में एमबीबीएस बैच 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए कैडेवरिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बैच के सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कैडेवरिक शपथ लेकर कैडेवर को अपने प्रथम शिक्षक के रूप में सम्मान देने और चिकित्सा शिक्षा से अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता एवं समाज की सेवा में करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शरीर रचना विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिक्षा जांगड़े ने की। संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. वीना मोटवानी, डॉ. पूजा सोनवानी, डॉ. अजय, डॉ. वैष्णवी एवं डॉ. कमलजीत बासन सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
कैडेवर को माना प्रथम शिक्षक
समारोह को संबोधित करते हुए अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। इसमें मानवीय संवेदना, नैतिकता और सेवा भावना का भी विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि कैडेवर विद्यार्थियों के प्रथम शिक्षक के समान है। इसके माध्यम से विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं। इसलिए कैडेवर के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना विद्यार्थियों में जीवनभर बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं मानवता की सेवा के लिए करना ही एक चिकित्सक का प्रमुख दायित्व है।
चिकित्सा अधीक्षक ने दी शुभकामनाएं
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने एमबीबीएस बैच 2026-27 के सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शपथ के साथ नैतिक जिम्मेदारी का संकल्प
कैडेवरिक शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने प्रथम शिक्षक के रूप में कैडेवर के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और संवेदनशीलता व्यक्त की। विद्यार्थियों ने यह संकल्प भी लिया कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता तथा समाज की सेवा के लिए करेंगे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत मानव शरीर के प्रति सम्मान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ होती है। कैडेवर के अध्ययन से विद्यार्थियों को शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। यह अनुभव उनके चिकित्सा ज्ञान की मजबूत नींव तैयार करता है और चिकित्सकीय नैतिकता, जिम्मेदारी तथा संवेदनशीलता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गरिमापूर्ण रहा समारोह
समारोह का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों में सम्मान, कृतज्ञता, मानवीय संवेदनशीलता और चिकित्सकीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। पूरा कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने कैडेवरिक शपथ में निहित मूल्यों को अपने चिकित्सा जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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