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प्रगति-50 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर शामिल, राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन में दोनों शहरों को मिलेगी विशेष निगरानी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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केंद्र सरकार देगी तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन, कचरा प्रबंधन से लेकर प्रयुक्त जल के उपचार और पुन: उपयोग तक पर रहेगा फोकस
रायपुर, 29 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के लिए नगरीय स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) पहल में राज्य के रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों को शामिल किया गया है। देश के चुनिंदा 50 शहरों में छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख शहरों का चयन किया गया है। इस पहल के तहत दोनों शहरों में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रयुक्त जल के उपचार एवं पुन: उपयोग तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष तकनीकी सहयोग, सतत मार्गदर्शन और गहन निगरानी की जाएगी।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘प्रगति-50’ योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव राजनांदगांव से वर्चुअली जुड़े। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू नई दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ‘प्रगति-50’ में रायपुर और बिलासपुर के शामिल होने पर दोनों नगर निगमों, स्वच्छता मित्रों और शहरवासियों को बधाई दी।
50 शहरों की राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ के दो शहर
‘प्रगति-50’ के तहत देश के 50 शहरों को चयनित किया गया है। इसका उद्देश्य चयनित शहरों में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के लक्ष्यों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए शहरी स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
इस पहल के तहत चयनित शहरों को केंद्र सरकार की ओर से विशेष तकनीकी सहयोग, लगातार मार्गदर्शन और गहन निगरानी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही देश में बेहतर परिणाम देने वाली कार्य-पद्धतियों को अपनाने के लिए भी शहरों को सहयोग मिलेगा।
51वीं ‘प्रगति’ बैठक के निर्देशों से शुरू हुई पहल
‘प्रगति-50’ पहल की पृष्ठभूमि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई 51वीं ‘प्रगति’ बैठक से जुड़ी है। इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई थी। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान को केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित न रखते हुए नियमित निगरानी, नागरिकों की भागीदारी और विभिन्न हितधारकों के समन्वय के माध्यम से ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।
इसी दिशा में ‘प्रगति-50’ को आगे बढ़ाया गया है, ताकि चयनित शहरों में स्वच्छता संबंधी कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ उनके परिणामों की नियमित समीक्षा की जा सके।
घर-घर कचरा संग्रहण से वैज्ञानिक प्रसंस्करण तक
‘प्रगति-50’ के तहत रायपुर और बिलासपुर में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण और प्रसंस्करण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शहरों की सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं में सुधार और समग्र साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करना भी इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
इसके साथ ही अपशिष्ट निपटान की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने तथा स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और परिणाम आधारित बनाने पर जोर रहेगा।
प्रयुक्त जल के उपचार और पुन: उपयोग पर भी जोर
‘प्रगति-50’ केवल ठोस कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत उपयोग किए गए जल के उपचार, उसके पुन: उपयोग और समुचित प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
शहरी क्षेत्रों में जल के बेहतर प्रबंधन के साथ स्वच्छता अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित संकेतकों के आधार पर दोनों शहरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग होगी।
नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भी बढ़ेगी भूमिका
योजना में स्वच्छता व्यवस्था को केवल सरकारी निकायों की जिम्मेदारी मानने के बजाय नागरिकों, संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
इसका उद्देश्य शहरों में स्वच्छता को एक सतत जनभागीदारी आधारित व्यवस्था के रूप में मजबूत करना है, ताकि स्वच्छता से जुड़े प्रयासों का असर जमीन पर दिखाई दे और व्यवस्थाएं लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहें।
रायपुर-बिलासपुर के चयन में राज्य की कोशिशों की भूमिका
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय निकायों में स्वच्छता, जनसुविधाओं के विस्तार, प्रभावी कचरा प्रबंधन और बेहतर सेवा-प्रदाय को प्राथमिकता दे रही है।
सरकार के अनुसार ‘प्रगति-50’ के लिए रायपुर और बिलासपुर का चयन इन प्रयासों का परिणाम है। इसमें दोनों नगर निगमों की सक्रिय भूमिका, स्वच्छता मित्रों की मेहनत और नागरिकों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
दोनों महापौर और निगम आयुक्त भी कार्यक्रम में जुड़े
‘प्रगति-50’ के शुभारंभ कार्यक्रम में रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी के साथ दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी ऑनलाइन शामिल हुए।
चयनित राज्यों के नगरीय विकास विभागों, शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
दूसरे नगरीय निकायों के लिए बन सकता है मॉडल
‘प्रगति-50’ के जरिए रायपुर और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों को अपनाने और अपने अनुभवों के आधार पर स्वच्छता व्यवस्था में नए प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।
दोनों शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किए जाने की दिशा में काम होगा। इन शहरों में विकसित होने वाले अनुभव और नवाचार भविष्य में छत्तीसगढ़ के अन्य नगरीय निकायों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा—दोनों शहरों का चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने ‘प्रगति-50’ में रायपुर और बिलासपुर के चयन पर नगरीय प्रशासन विभाग तथा दोनों नगर निगमों के अधिकारियों और स्वच्छता मित्रों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दोनों शहरों का चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह स्वच्छता मित्रों के परिश्रम और नागरिकों की भागीदारी का सम्मान है।
श्री साव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से रायपुर और बिलासपुर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की नगरीय स्वच्छता को नई पहचान
रायपुर और बिलासपुर का ‘प्रगति-50’ में शामिल होना छत्तीसगढ़ के नगरीय स्वच्छता प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने के रूप में देखा जा रहा है। योजना के जरिए दोनों नगर निगमों को जहां केंद्रीय तकनीकी विशेषज्ञता और मार्गदर्शन मिलेगा, वहीं निर्धारित संकेतकों के आधार पर प्रदर्शन की नियमित निगरानी से स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्र की इस पहल का व्यापक उद्देश्य चयनित शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक, टिकाऊ और परिणाम आधारित बनाना है। प्रधानमंत्री की 51वीं ‘प्रगति’ बैठक में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत नियमित निगरानी, जनभागीदारी, समन्वय और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।

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