कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों से बना रखे थे आधार, पैन, वोटर आईडी और पासपोर्ट; सुबह 5 बजे सरकंडा क्षेत्र में दी दबिश
बिलासपुर। विशेष टास्क फोर्स (STF) और जिला विशेष शाखा की टीम ने अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ने की कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले करीब 19 वर्षों से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत स्थित एक निजी कंपनी में लिफ्ट मेंटनेंस का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से मिले भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की, जिन्हें आरोपी ने पूछताछ में गलत तरीके से बनवाना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अतीक हुसैन (42), पिता स्व. मोहम्मद हुसैन के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ग्राम नाईखोने, थाना अरैहजार, जिला नारायणगंज, ढाका (बांग्लादेश) का निवासी बताया गया है।
20 दिन पहले पूछताछ के दौरान भाग गया था
पुलिस के मुताबिक करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में कार्रवाई के दौरान अतीक से भी पूछताछ की गई थी। इसी दौरान वह वहां से भाग गया था। इसके बाद STF की टीम लगातार उसकी तलाश और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी। निरीक्षक संजय शिंदे को उसके सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रहने की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने उसके आने-जाने और संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी की।
सुबह 5 बजे किराये के मकान में दबिश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और STF की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मीत कौर चावला के नेतृत्व में टीम ने 24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे सूर्या विहार कॉलोनी में दबिश दी। पुलिस के अनुसार अतीक यहां किराये के मकान में रह रहा था। इससे पहले वह सरकंडा के बंगालीपारा गली नंबर-3 में भी रह चुका था।
कार्रवाई में STF निरीक्षक संजय शिंदे के साथ जिला विशेष शाखा के उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक कमल साहू और आरक्षक अभिषेक यादव शामिल रहे।
2005 में बांग्लादेश से भारत आने का दावा
पुलिस पूछताछ में अतीक ने बताया कि वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था। वर्ष 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहने के बाद 2007 में बिलासपुर आ गया। पुलिस के अनुसार बिलासपुर आने के बाद वह NTPC सीपत में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED में लिफ्ट मेंटनेंस का काम कर रहा था।
आधार से लेकर पासपोर्ट तक कई दस्तावेज मिले
पुलिस टीम जब उसके किराये के मकान पहुंची तो पूछताछ के दौरान उसने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। इनमें इंडियन पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और 9वीं कक्षा की अंकसूची शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाना स्वीकार किया है। दस्तावेजों की वैधानिकता और उनके निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई शुरू
बिलासपुर पुलिस ने अतीक हुसैन के खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होने तक उसे होल्डिंग सेंटर, रायपुर भेजा जा रहा है। पुलिस द्वारा भारत में स्थित संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना देने की कार्रवाई की जा रही है।
संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दें
बिलासपुर पुलिस ने अवैध रूप से निवास करने वाले व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस के मुताबिक अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवास कर रहे लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



