
लाखों जायरीन पहुंचने की उम्मीद, बारिश को देखते हुए दरगाह परिसर और कव्वाली मैदान में वाटरप्रूफ पंडाल की विशेष व्यवस्था
बिलासपुर। दरगाह लुतरा शरीफ में शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हजरत सैय्यद इंसान अली बाबा का पांच दिवसीय सालाना उर्स 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। उर्स को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कमेटी के अनुसार इस वर्ष बारिश को देखते हुए दरगाह परिसर और कव्वाली मैदान में विशेष रूप से वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं, ताकि जायरीनों को परेशानी न हो।
कमेटी के अध्यक्ष हाजी इकबाल हक ने बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उर्स के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार बारिश को देखते हुए करीब पांच से छह लाख, जबकि परिस्थितियों के अनुसार इससे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि आयोजन में प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिल रहा है। जिला प्रशासन, अतिरिक्त जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा व्यवस्थाओं में सहयोग किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दरगाह क्षेत्र में दो पुलिस सहायता केंद्र बनाए जा रहे हैं तथा पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
रायपुर एयरपोर्ट से आने वाले मेहमानों के लिए परिवहन व्यवस्था
हाजी इकबाल हक ने बताया कि आयोजन की जानकारी में रायपुर एयरपोर्ट को निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट की उड़ानों में निरंतरता नहीं रहने तथा कभी-कभी उड़ानें रद्द होने की स्थिति को देखते हुए बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए रायपुर से आवागमन की व्यवस्था कमेटी द्वारा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय कव्वाल और देशभर से कलाकार होंगे शामिल
उर्स के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मुशायरा और कव्वाली का भी आयोजन होगा। कमेटी के अनुसार कछौछा शरीफ से रशीद लखीमी हुजूर, उर्स दादानशीन सहित अन्य धार्मिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।
कव्वाली कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कव्वाल अलीश रईस शबरी और मुस्तफा नास के शामिल होने की जानकारी दी गई। 28 सितंबर को होने वाले मुशायरे में भी देश के विभिन्न हिस्सों से शायर और वक्ता शामिल होंगे। बिलासपुर से शब्बीर नूरी और इलियास सरफी के शामिल होने की जानकारी कमेटी ने दी।
200 से 300 लोगों के भोजन की व्यवस्था में जुटेंगे वालंटियर
कमेटी ने बताया कि उर्स के दौरान जायरीनों की सेवा और भोजन व्यवस्था के लिए करीब 200 से 300 लोगों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दरगाह परिसर में करीब 50 से 60 वालंटियर विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
कमेटी में विवाद से किया इनकार
प्रेसवार्ता के दौरान कमेटी से जुड़े पूर्व विवादों और इस्तीफों को लेकर पूछे गए सवाल पर हाजी इकबाल हक ने कहा कि वर्तमान में कमेटी में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है और वे उसी के अनुसार व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में किसी पदाधिकारी द्वारा इस्तीफा दिया जाना उनका व्यक्तिगत निर्णय था। उन्होंने यह भी कहा कि पत्राचार या विवादों से श्रद्धालुओं और आयोजन पर गलत प्रभाव पड़ता है, इसलिए ऐसी स्थिति से बचना चाहिए।
ऑडिट रिपोर्ट बोर्ड में जमा करने का दावा
कमेटी के खातों को लेकर पूर्व में लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर हाजी इकबाल हक ने कहा कि हर वर्ष खातों का ऑडिट कराया जाता है और ऑडिट रिपोर्ट वाउचर सहित बोर्ड में जमा की जाती है। उन्होंने आरोपों के संबंध में कहा कि आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं और संबंधित दस्तावेज बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।
कमेटी ने पत्रकारों से उर्स की जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को आयोजन की तारीख, कार्यक्रम और व्यवस्थाओं की जानकारी समय पर मिल सके।



