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30 लाख की उधारी, तीन महीने का ब्याज और खूनी विवाद, शिक्षक ही निकला शिक्षक का हत्यारा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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आरंग में अंधे कत्ल की पूरी कहानी 24 घंटे में बेनकाब; रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग में पार्टनर थे दोनों, VSK ऐप के लॉग ने खोला राज


आरंग/रायपुर। आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम बनचरौदा के पास मिले शिक्षक के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। जांच में सामने आया कि हत्या किसी बाहरी हमलावर ने नहीं, बल्कि मृतक का ही साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा था। पुलिस के मुताबिक हत्या की जड़ में करीब 30 लाख रुपये की उधारी, तीन महीने से बकाया ब्याज और दोनों के बीच चल रहा आर्थिक विवाद था।
पुलिस के अनुसार मृतक और आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों साथ मिलकर रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। पैसों के लेन-देन को लेकर बढ़े विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया।
बनचरौदा के पास मिला था शिक्षक का शव
17 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। शव के सिर और चेहरे पर धारदार तथा कठोर वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे।
मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर पिता शंकरलाल चंद्राकर, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, जिला रायपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण और उप पुलिस अधीक्षक माना के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम को भी जांच में लगाया गया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव का पंचनामा कराया गया और पोस्टमार्टम कराया गया।
आखिरी बार साथी शिक्षक के साथ देखा गया था
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग तब मिला, जब पता चला कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदिग्ध चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक हैं।
गांव के चरवाहे और ग्रामीणों से पूछताछ में जानकारी मिली कि शिवकुमार को आखिरी बार चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद रंग की स्कूटी पर ग्राम बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था।
इसके बाद पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। इसी दौरान शिक्षा विभाग के VSK ऐप के लॉग रिकॉर्ड ने जांच को निर्णायक दिशा दी।
मोबाइल लोकेशन बंद, लेकिन VSK लॉग ने खोल दिया राज
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल पहुंचा था। इसके बाद उसने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दी और निजी काम का बहाना बनाकर स्कूल से बाहर निकल गया।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान वह घटना को अंजाम देने के लिए गया। हत्या के बाद वह करीब 12:50 बजे स्कूल वापस लौटा।
पुलिस के अनुसार वापस आने के बाद उसने VSK ऐप पर अपने मोबाइल से लॉगिन नहीं किया। उसने यह कहते हुए कि उसका मोबाइल घर पर रह गया है, साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति के लिए VSK ऐप में लॉगिन किया। जांच के दौरान VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट में यह गतिविधि सामने आ गई।
यहीं से पुलिस का शक चंद्रप्रकाश वर्मा पर और गहरा गया।
पूछताछ में सामने आई 30 लाख रुपये की कहानी
18 सितंबर 2026 को पुलिस ने चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह और शिवकुमार करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग का काम साथ करते थे।
पुलिस के अनुसार इसी कारोबारी लेन-देन के दौरान चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले शिवकुमार ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक आरोपी को दिए थे।
आरोपी के मुताबिक वह हर महीने शिवकुमार से ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से ब्याज का भुगतान नहीं किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि पैसों को लेकर विवाद के दौरान शिवकुमार कथित तौर पर गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता था।
पुलिस के मुताबिक लगातार पैसों के विवाद से आरोपी परेशान और आक्रोशित था।
पहले से हथियार लेकर पहुंचा था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने तय कर लिया था कि अगर घटना वाले दिन पैसा नहीं मिला तो वह शिवकुमार को खत्म कर देगा।
17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात ग्राम कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। यहां पैसों और ब्याज की वापसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
विवाद बढ़ता गया और दोनों ग्राम बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर पहुंच गए।
पुलिस के मुताबिक इसी दौरान आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद आरोपी ने हथौड़े से उसके सिर और चेहरे पर लगातार वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद वापस स्कूल पहुंचा
पुलिस की जांच के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वापस कुम्हारी स्कूल पहुंचा। यही वह हिस्सा था, जहां CCTV फुटेज और VSK ऐप के लॉग रिकॉर्ड ने पुलिस को घटनाक्रम जोड़ने में मदद की।
मोबाइल लोकेशन बंद करने से लेकर स्कूल से बाहर जाने, वारदात के बाद वापस लौटने और साथी शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप में उपस्थिति दर्ज कराने तक की गतिविधियां जांच का अहम हिस्सा बनीं।
पुलिस ने क्या-क्या किया जब्त?
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने वारदात से जुड़े कई सामान जब्त किए हैं। इनमें—
घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी
धारदार हथियार
हथौड़ा
मृतक द्वारा आरोपी को दिए गए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक
मृतक का पर्स
मृतक और आरोपी के मोबाइल फोन
घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने जूते
मोजे
खून से सने कपड़े
शामिल हैं।
24 घंटे में खुला अंधे कत्ल का राज
ग्राम बनचरौदा के सुनसान इलाके में मिले शव से शुरू हुई जांच में पुलिस ने घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच, डॉग स्क्वाड, साइबर जांच, CCTV फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप के लॉग रिकॉर्ड को जोड़ते हुए संदेही शिक्षक तक पहुंच बनाई।
पूछताछ के बाद पुलिस ने चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।इस मामले में आर्थिक लेन-देन से शुरू हुआ विवाद आखिरकार हत्या तक पहुंच गया और जांच में सामने आए डिजिटल रिकॉर्ड ने उसी स्कूल के एक शिक्षक को हत्या के आरोप में पुलिस की गिरफ्त तक पहुंचा दिया।

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