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चिट्ठियों की आत्मीयता से डिजिटल युग तक डाक की नई उड़ान, GGU में खुला Gen-Z Post Office

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार डाक सेवाओं का आधुनिक स्वरूप; पार्सल-लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवा, बचत, बीमा और फिलाटेली की सुविधा मिलेगी
बिलासपुर। चिट्ठी का इंतजार, डाकिए की दस्तक और लिफाफा खुलते ही अपनों की यादों से भर जाने वाला वह दौर भले बदल गया हो, लेकिन डाक से जुड़ा भरोसा और आत्मीयता आज भी कायम है। अब इसी आत्मीयता को आधुनिक तकनीक और युवाओं की बदलती जरूरतों से जोड़ने की पहल गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में हुई है। प्रवर अधीक्षक डाकघर, बिलासपुर डाक संभाग श्री बी. एल. जांगड़े के प्रयासों से विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय डाक विभाग के Gen-Z Post Office का गरिमामय शुभारंभ किया गया।
यह सिर्फ डाकघर शुरू करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि डाक की गौरवशाली विरासत को नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और युवा आकांक्षाओं से जोड़ने की पहल है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब परिसर में ही आधुनिक डाक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सुविधाएं, बचत, बीमा और फिलाटेली जैसी सेवाओं को युवाओं तक पहुंचाने के साथ उन्हें डाक विभाग की बदलती कार्य-संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
जांगड़े ने कहा- विश्वास और सेवा की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा केंद्र
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री बी. एल. जांगड़े ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री प्रणव कुमार, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित सहित विश्वविद्यालय परिवार और उपस्थित सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
जांगड़े ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में Gen-Z Post Office का शुभारंभ डाक विभाग की परंपरा और आधुनिकता के अभिनव समागम का प्रतीक है। यह पहल युवा पीढ़ी को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से जोड़ने के साथ जनसेवा की उस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी, जिसकी नींव विश्वास और सेवा-भाव पर टिकी है।
कुलपति बोले- चिट्ठी शब्दों का संप्रेषण भर नहीं, भावनाओं की विरासत
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने भारतीय डाक की विश्वसनीयता और जनसेवा की दीर्घ परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग अपनी विश्वसनीयता, जनसेवा और जनमानस से आत्मीय जुड़ाव के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में संचार के अनेक माध्यम उपलब्ध होने के बावजूद चिट्ठियों का अपना एक अलग भावलोक है। एक पत्र केवल शब्दों का संप्रेषण नहीं होता, उसमें भावनाएं, स्मृतियां और रिश्तों की गर्माहट संचित रहती है, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी सहेजकर रख सकती हैं।
कुलपति ने Gen-Z Post Office को विश्वविद्यालय की युवा पीढ़ी के लिए सार्थक और अभिनव सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने आने वाले विद्यार्थियों के लिए परिसर में ही सुरक्षित, सहज और आधुनिक डाक सेवाओं की उपलब्धता विशेष उपयोगी होगी।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे डाक विभाग को केवल पत्रों के आदान-प्रदान तक सीमित न समझें। इसके विस्तृत सेवा-संसार से परिचित हों तथा पार्सल सेवाओं, फिलाटेली, बचत योजनाओं और बीमा सेवाओं की जानकारी लेकर इन्हें अपने भविष्य की आर्थिक सुदृढ़ता से जोड़ें।
नवाचार की यात्रा में जुड़ा एक और उज्ज्वल पड़ाव
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय को नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। विश्वविद्यालय में स्वाभिमान थाली, अनुसंधान एवं अन्य नवाचारपरक पहलों के माध्यम से लगातार नई संभावनाओं के द्वार खोले जा रहे हैं।
इसी क्रम में Gen-Z Post Office को भी नवोन्मेषी दृष्टि और दूरदर्शी सोच की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। यह पहल परिसर में युवा सुविधा, आधुनिकता और संस्थागत नवाचार के समन्वय का नया अध्याय है।
प्रणव कुमार ने युवाओं से कहा- आधुनिक डाक सेवाओं का अनुभव लें
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल श्री प्रणव कुमार ने विद्यार्थियों से डाक विभाग की डिजिटल सेवाओं से जुड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित Gen-Z Post Office बदलते समय और बदलती युवा आवश्यकताओं के अनुरूप डाक विभाग की नई कार्य-संस्कृति का परिचायक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से इस आधुनिक डाकघर का भ्रमण करने और पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाओं, बचत, बीमा तथा फिलाटेली सहित विभाग की विविध सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यह डाकघर विद्यार्थियों को पारंपरिक सेवा-केंद्र की सीमाओं से आगे बढ़कर सुविधा, तकनीक और आत्मीय वातावरण का नया अनुभव देगा। कैफे जैसे सहज वातावरण, वातानुकूलित सुविधा और आधुनिक तकनीक से युक्त यह केंद्र युवाओं को डाक सेवाओं से जोड़ने का नया अनुभव प्रदान करेगा।
सुनीता द्विवेदी ने युवाओं तक सेवाएं पहुंचाने के लिए किया समन्वय
Gen-Z Post Office को युवाओं से जोड़ने की दिशा में मार्केटिंग हेड, बिलासपुर डाक संभाग सुनीता द्विवेदी द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग के बीच निरंतर जनसंपर्क और समन्वय किया गया।
विशेष रूप से पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, बचत, बीमा और फिलाटेली के प्रति जागरूक करने की दिशा में काम किया गया।
प्रयास यह रहा कि Gen-Z Post Office युवाओं के लिए केवल डाकघर न होकर सेवा, सुविधा, डिजिटल तकनीक और आर्थिक सशक्तीकरण का जीवंत मंच बने। युवा पीढ़ी को डाक विभाग की सेवाओं से जोड़ने के साथ पार्सल व्यवसाय एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराने पर भी विशेष बल दिया गया।
ई-कॉमर्स के दौर में युवा उद्यमियों के लिए पार्सल सेवा अहम
ई-कॉमर्स और डिजिटल व्यापार के विस्तार के साथ पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। ऐसे समय में Gen-Z Post Office के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों को भारतीय डाक की पार्सल सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
डाक विभाग का विस्तृत नेटवर्क युवाओं की आवश्यकताओं, उनके उत्पादों और व्यापारिक गतिविधियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में एक विश्वसनीय माध्यम बन सकता है।
विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों से डाक विभाग की पार्सल सेवाओं को समझने तथा अपनी आवश्यकताओं और व्यापारिक गतिविधियों में इसका लाभ उठाने का आग्रह किया गया।
कुलपति के मार्गदर्शन और कुलसचिव के सहयोग से साकार हुई पहल
Gen-Z Post Office की इस अभिनव परिकल्पना को साकार करने में विश्वविद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के मार्गदर्शन तथा कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित के सहयोग और समन्वय से विश्वविद्यालय परिसर में यह पहल आकार ले सकी।
कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित का सहयोग और विश्वविद्यालय प्रशासन की सक्रिय सहभागिता इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही। विश्वविद्यालय और डाक विभाग के इस समन्वय ने युवा सुविधा, तकनीकी नवाचार और जनसेवा के बीच एक सशक्त सेतु निर्मित किया है।
जांगड़े ने जताया आभार, बोले- डाक भविष्य की संभावनाओं का भी सहयात्री
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री बी. एल. जांगड़े ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित तथा विश्वविद्यालय के समस्त प्रोफेसर्स, स्टाफ, छात्र-छात्राओं और डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, सहभागिता और उत्साह ने इस अभिनव आयोजन को सफल ही नहीं, बल्कि सार्थक स्वरूप प्रदान किया।
जांगड़े ने युवाओं का विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि डाक विभाग केवल अतीत की स्मृतियों का वाहक नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का विश्वसनीय सहयात्री भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं को जानने, उनसे जुड़ने और अपने जीवन, शिक्षा, बचत, बीमा तथा उद्यमिता की जरूरतों में उनका उपयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जब युवा डाक से जुड़ेंगे तो डाक केवल उनके संदेश ही नहीं, बल्कि उनके सपनों और संभावनाओं को भी देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
इनकी मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
समारोह में विशिष्ट अतिथि कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित, सहायक निदेशक श्री राजपाल, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डाकघर श्रीमती गुलनाज नसरीन खान, सहायक अधीक्षक श्री गणेश राम देवांगन, सहायक अधीक्षक श्री अरुण तिवारी, उपसंभागीय निरीक्षक श्री बृजनंदन सेन सहित विश्वविद्यालय एवं डाक विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सम्माननीय प्रोफेसर्स, समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं तथा डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को भव्यता प्रदान की।
चिट्ठियों की गर्माहट और डिजिटल तकनीक का संगम
Gen-Z Post Office उस बदलते भारत की तस्वीर है, जहां विरासत और आधुनिकता आमने-सामने नहीं, बल्कि साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं। चिट्ठियों की संवेदना अब डिजिटल तकनीक की गति के साथ जुड़ रही है।
विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुआ यह केंद्र डाकघर की पारंपरिक पहचान को नई पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप विस्तार देता है। यहां संदेशों के साथ पार्सल, व्यापार, बचत, बीमा और फिलाटेली जैसी सेवाओं को भी युवाओं से जोड़ने का प्रयास है।
इस पहल से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने परिसर में आधुनिक डाक सेवाओं की सुविधा मिलेगी और डाक विभाग को नई पीढ़ी के और करीब आने का अवसर मिलेगा।
डाक ने समय के साथ अपना रूप बदला है, लेकिन लोगों को जोड़ने की उसकी आत्मीय भूमिका आज भी कायम है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का Gen-Z Post Office इसी भरोसे, बदलाव और नई पीढ़ी के सपनों के बीच एक नया सेतु बनकर सामने आया है।

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