

बिलासपुर। शुक्रवार देर रात दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते शहर के हृदय स्थल तक पहुंच गया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। हालात इस कदर बिगड़े कि सिटी कोतवाली थाने को भी निशाना बनाया गया। आसपास की दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए शनिवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस ने खपरगंज समिति के आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों का उद्देश्य शुक्रवार रात जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था का भरोसा कायम करना था।



कमिश्नर और आईजी ने संभाला मोर्चा
शहर में तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कमिश्नर सुनील जैन और आईजी ने मोर्चा संभाला। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह देर रात तक सिटी कोतवाली में मौजूद रहे। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग भी थाने पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, मामले में उपद्रव और हिंसा करने वाले 50 से अधिक लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित विवादित पोस्ट को लेकर हुई। इसके बाद एक पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के साथ मारपीट की गई। देखते ही देखते दूसरा पक्ष भी आक्रामक हो गया और मामला बढ़ता चला गया।
शुरुआत में रात करीब 8 से 9 बजे के बीच कोतवाली क्षेत्र में एक-दो दर्जन युवक ही मौजूद थे, लेकिन कुछ ही देर में शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवक वहां पहुंच गए। उस समय पुलिस बल अपेक्षाकृत कम था। हालात बिगड़ने पर आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया।
पुलिस ने लाठीचार्ज किया, छोड़े आंसू गैस के गोले
सिटी कोतवाली चौक के पास जमा भीड़ को समझाने का पुलिस ने पहले प्रयास किया। बातचीत से मामला शांत नहीं हुआ और दूसरी ओर से पथराव शुरू होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई।
भीड़ को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बताया गया कि कुछ गोले तकनीकी कारणों से नहीं छूट पाए, जिसके बाद सरकंडा टीआई ने उन्हें हाथ से फेंककर इस्तेमाल किया। करीब पांच से छह आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बावजूद काफी देर तक भीड़ पूरी तरह नहीं हटी।
पथराव में पुलिसकर्मी घायल
हंगामे और पथराव के दौरान तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर में चोट लगी और उनका सिर फट गया। वहीं आरक्षक सोनू पाल के होंठ पर चोट आई। पुलिस के अलावा कई अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
कलेक्टर की गाड़ी और डायल-112 भी क्षतिग्रस्त
उपद्रव के दौरान थाने पर पथराव किया गया। इस दौरान कलेक्टर की गाड़ी का मिरर क्षतिग्रस्त हो गया। डायल-112 की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। थाना परिसर में खड़ी कुछ अन्य गाड़ियों के शीशे भी टूट गए।
गोल बाजार और सदर बाजार तक पहुंचा उपद्रव
शुक्रवार देर रात उपद्रव का असर गोल बाजार और सदर बाजार तक भी देखने को मिला। भीड़ ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की। इससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
कोतवाली के सामने सड़क पर बैठी भीड़
देर रात बड़ी संख्या में लोग सिटी कोतवाली के सामने सड़क पर बैठ गए। पुलिस लगातार लोगों को शांत कराने और सड़क खाली कराने का प्रयास करती रही। तनाव के कारण मल्टी लेवल पार्किंग से लेकर चौक तक का इलाका काफी देर तक प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक बड़ी संख्या में पत्थर दिखाई देने लगे। कुछ लोगों के हाथ में पेट्रोल होने की बात भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पूरी ताकत लगाकर भीड़ को पीछे खदेड़ा।
एसएसपी बोले—दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी और दोनों ओर से पथराव हुआ। घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब ढाई से तीन सौ पुलिस जवान मौके पर तैनात किए गए। पड़ोसी जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार सुबह फ्लैग मार्च से दिया शांति का संदेश
शुक्रवार रात की घटना के बाद शनिवार सुबह पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। खपरगंज समिति और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई गई। फ्लैग मार्च के जरिए प्रशासन ने लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि शहर में कानून-व्यवस्था कायम है और किसी भी तरह की अफवाह या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर पथराव, तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह साफ होगा कि शुक्रवार रात शहर का माहौल बिगाड़ने के पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार थे।



