मोपका में भी किया था पहला प्रयास, चहल-पहल देख बदली जगह और गतौरा पहुंची ‘लूट गैंग’; CCTV का DVR नदी में फेंका, 3 गिरफ्तार—CMS कंपनी से जुड़ा चौथा आरोपी फरार
बिलासपुर। कर्ज के बोझ से दबे चार युवकों ने रकम जुटाने के लिए सरकारी शराब दुकान को निशाना बनाने की साजिश रची। हाथ में चाकू, साथ में गैस कटर, ग्राइंडर मशीन, छेनी, रस्सी और दूसरे औजार लेकर पहले मोपका शराब भट्ठी पहुंचे, लेकिन वहां ज्यादा चहल-पहल देखकर लौट गए। इसके बाद रास्ता बदला और गतौरा स्थित शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान को निशाना बनाया। तड़के करीब 3:30 बजे नकाबपोश बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों के सिर और गर्दन पर चाकू अड़ा दिया, मारपीट की, हाथ-पैर बांधे और दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। नकदी वाला लॉकर ग्राइंडर और छेनी से काटने की कोशिश की, लेकिन लॉकर नहीं टूटा। रकम हाथ नहीं लगी तो आरोपी दो मोबाइल फोन, शराब की बोतलें, CCTV कैमरा और DVR लेकर फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने CCTV का DVR नदी में फेंक दिया, ताकि फुटेज के जरिए कोई सुराग न मिल सके। लेकिन घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल के बाद मस्तूरी पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने मामले में अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, पिंटू निषाद और सुशील निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। वहीं वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी पहले CMS Info System कंपनी में काम करता था और शासकीय मदिरा दुकानों से नकद राशि कलेक्शन का काम करता था। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कर्ज ने बनाया ‘लूट’ का प्लान, निशाने पर सरकारी शराब दुकान
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे कर्ज में दबे हुए थे। कर्ज से छुटकारा पाने और पैसे जुटाने के लिए उन्होंने शराब भट्ठी में रखी नकदी रकम लूटने की योजना बनाई।
योजना सिर्फ दुकान में घुसकर पैसे उठाने तक सीमित नहीं थी। आरोपियों ने पहले से ऐसी तैयारी की थी कि अगर नकदी लॉकर में बंद मिली तो उसे काटकर बाहर निकाला जा सके।
इसके लिए उन्होंने गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, रस्सी और चाकू समेत अन्य सामान जुटाया।
चारों आरोपियों ने वारदात के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया।
पहली नजर मोपका शराब भट्ठी पर, लेकिन भीड़ देखकर बदली योजना
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना से पहले चारों देवरीखुर्द से निकले।
वे सुशील निर्मलकर की नीले रंग की स्कूटी और पिंटू निषाद की मोटरसाइकिल से निकले थे।
पहले वे बूटा पारा-फरहदा के रास्ते मोपका शराब भट्ठी पहुंचे।
लेकिन वहां आसपास चहल-पहल ज्यादा थी।
ऐसे माहौल में वारदात करना जोखिम भरा लगा तो आरोपियों ने वहां योजना को अंजाम नहीं दिया।
इसके बाद उन्होंने रास्ता बदला और चिल्हाटी-फरहदा होते हुए गतौरा शराब भट्ठी की ओर निकल गए।
तड़के 3:30 बजे गतौरा में धावा
3 अगस्त 2026 की सुबह करीब 3:30 बजे गतौरा स्थित शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान में तैनात सुरक्षाकर्मियों को अचानक नकाबपोशों ने घेर लिया।
पुलिस के मुताबिक करीब चार अज्ञात व्यक्ति काले कपड़े पहने हुए थे।
उन्होंने सुरक्षाकर्मी साहिल राय और हरकुंवर पंकज को चाकू दिखाकर धमकाया।
दोनों के सिर और गर्दन पर धारदार हथियार अड़ाकर शराब दुकान की चाबी मांगी गई।
सुरक्षाकर्मियों ने चाबी उनके पास नहीं होने की बात कही।
इसके बाद आरोपियों ने हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और दाहिने हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर चोट पहुंचाई।
इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए गए।
ताला तोड़ा, लॉकर पर चला ग्राइंडर और छेनी
सुरक्षाकर्मियों को काबू करने के बाद आरोपियों ने शराब दुकान का ताला तोड़ा और अंदर दाखिल हुए।
अब उनके निशाने पर दुकान का लॉकर था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ग्राइंडर कटर मशीन और छेनी की मदद से लॉकर काटने की कोशिश की।
लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद लॉकर नहीं टूट सका।
नकदी रकम तक पहुंचने की योजना यहां फेल हो गई।
लॉकर नहीं टूटा और नकदी हाथ नहीं लगी तो आरोपियों ने दुकान से दूसरी चीजें उठानी शुरू कर दीं।
कैश नहीं मिला तो मोबाइल और शराब की बोतलें उठाईं
लॉकर नहीं टूटने के बाद आरोपियों ने दुकान के काउंटर में रखी शराब की कुछ बोतलें अपने कब्जे में लीं।
इसके अलावा दोनों सुरक्षाकर्मियों के दो मोबाइल फोन भी ले लिए।
लेकिन पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य को मिटाने की कोशिश भी की।
उन्होंने CCTV कैमरा और DVR भी अपने साथ ले लिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस को CCTV से सुराग न मिले, इसलिए DVR नदी में फेंका
वारदात के बाद आरोपियों को अंदेशा था कि CCTV फुटेज से उनकी पहचान हो सकती है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उन्होंने CCTV का DVR नदी में फेंक दिया, ताकि पुलिस को उनकी पहचान या आवाजाही से जुड़ा कोई साक्ष्य न मिल सके।
लेकिन DVR हटाने के बावजूद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास मौजूद दूसरे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए।
यहीं से जांच की दिशा आगे बढ़ी।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला रास्ता
घटना के बाद मस्तूरी पुलिस लगातार अज्ञात नकाबपोश आरोपियों की तलाश में जुटी रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मस्तूरी सुदीप सरकार के मार्गदर्शन में थाना मस्तूरी पुलिस और ACCU बिलासपुर की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के विभिन्न स्थानों के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
इसके साथ ही अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया।
लगातार की गई पतासाजी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।
तीन आरोपी गिरफ्तार, चौथा अभी फरार
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
1. अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना
उम्र 24 वर्ष
पिता—राजू ध्रुव
निवासी—सोनू पान सेंटर, देवरीखुर्द, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर।
2. पिंटू निषाद
उम्र 25 वर्ष
पिता—श्रवण निषाद
निवासी—धान मंडी के पीछे, तोरवा, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर।
3. सुशील निर्मलकर
उम्र 24 वर्ष
पिता—कार्तिक निर्मलकर
निवासी—हेमूनगर अटल आवास, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर।
पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
फरार आरोपी की भूमिका पर भी जांच
मामले में फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी पूर्व में CMS Info System कंपनी में कार्यरत था।
वह शासकीय मदिरा दुकानों से नकद राशि कलेक्शन का काम करता था।
इसी वजह से पुलिस उसकी भूमिका को भी जांच के दायरे में रखकर आगे की विवेचना कर रही है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना के मद्देनजर पुलिस उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल और लूटी गई वस्तुओं को बरामद किया है।
बरामदगी में शामिल—
घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
घटना में प्रयुक्त स्कूटी
लूटे गए दो मोबाइल फोन
गैस कटर
ग्राइंडर कटर मशीन
धारदार चाकू
छेनी
अन्य औजार
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर ये सामान बरामद कर जब्त किए गए हैं।
वारदात की पूरी कहानी: प्लानिंग से गिरफ्तारी तक
कर्ज का बोझ:
आरोपियों के मुताबिक कर्ज से छुटकारा पाने के लिए रकम जुटाने की योजना बनाई।
तैयारी:
गैस कटर, ग्राइंडर, छेनी, रस्सी, चाकू समेत अन्य औजार जुटाए।
पहला टारगेट:
मोपका शराब भट्ठी पहुंचे।
योजना बदली:
आसपास चहल-पहल ज्यादा होने के कारण वहां से निकल गए।
दूसरा टारगेट:
चिल्हाटी-फरहदा होते हुए गतौरा शराब भट्ठी पहुंचे।
सुबह 3:30 बजे:
नकाबपोशों ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को चाकू दिखाकर धमकाया।
मारपीट:
हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और हाथ पर धारदार हथियार से हमला किया।
कंट्रोल:
दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए।
दुकान में प्रवेश:
ताला तोड़कर अंदर घुसे।
लॉकर पर हमला:
ग्राइंडर और छेनी से लॉकर काटने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
नकदी नहीं मिली:
काउंटर से शराब की बोतलें और दो मोबाइल फोन ले गए।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश:
CCTV कैमरा और DVR ले गए।
DVR नदी में फेंका:
पुलिस को फुटेज से सुराग न मिले, इसके लिए DVR नदी में फेंक दिया।
पुलिस की जांच:
CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण।
गिरफ्तारी:
अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, पिंटू निषाद और सुशील निर्मलकर गिरफ्तार।
फरार आरोपी:
एक आरोपी की तलाश जारी, जो पूर्व में CMS Info System में काम कर चुका है और शराब दुकानों से नकद कलेक्शन करता था।
गतौरा के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ा
गतौरा शराब दुकान में हुई इस वारदात में आरोपियों ने नकदी वाला लॉकर काटने की पूरी तैयारी की थी। इसके लिए गैस कटर और ग्राइंडर तक साथ लाए गए थे। लेकिन लॉकर नहीं टूटने के बाद आरोपियों ने मोबाइल, शराब और CCTV से जुड़े उपकरण अपने कब्जे में ले लिए।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त वाहन और औजार बरामद कर लिए हैं।
वहीं फरार चौथे आरोपी की तलाश जारी है। उसकी पूर्व नौकरी और शासकीय शराब दुकानों से नकद राशि कलेक्शन से जुड़े होने की जानकारी को भी विवेचना में शामिल किया गया है।
मामले में विवेचना जारी है।



