
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बिलासपुर दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से चर्चा में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
महंत ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और विपक्षी दल को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार विरोध के हर स्वर को कुचलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान की भावना के विपरीत फैसले ले रही है और कई अहम मुद्दों पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, नशाखोरी और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ बढ़ रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। गृह विभाग इन घटनाओं को रोकने में विफल साबित हो रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
136 मुद्दे उठाए, एक का भी जवाब नहीं मिला
महंत ने हालिया मानसून सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 15 घंटे तक चर्चा में 136 महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, लेकिन सरकार किसी भी मुद्दे का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। उनके अनुसार इससे सरकार की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भी उठाए सवाल
डॉ. महंत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मीडिया से चर्चा के दौरान महंत ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को हर सवाल का जवाब देना होगा।



