रात के चौकीदार की हत्या कर चार किशोर हुए थे फरार; प्रयागराज के बाद बिहार में दूसरी गिरफ्तारी, धरना-प्रदर्शन भड़काने वालों पर भी पुलिस की नजर
बिलासपुर। नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सहायक सह रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे (42) की हत्या और चार किशोर अपचारियों के फरार होने के सनसनीखेज मामले में बिलासपुर पुलिस को दूसरी बड़ी सफलता मिली है। वारदात के बाद फरार चार आरोपियों में से एक विशाल चौबे को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले एक अन्य आरोपी दिनेश राठिया को प्रयागराज से पकड़ा जा चुका है। अब भी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।

इधर, मामले को लेकर बिलासपुर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि घटना की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। साथ ही मृतक के परिजनों को धरना-प्रदर्शन जारी रखने के लिए कथित रूप से उकसाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना से पटना में मिली सफलता
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें कोरबा, रायगढ़, बिहार, अनूपपुर और उत्तर प्रदेश भेजा गया था। तकनीकी साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर विशाल चौबे को पटना से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे फरार दो अन्य आरोपियों और पूरी साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि शेष दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
11-12 जुलाई की रात हुई थी वारदात
यह सनसनीखेज घटना 11 और 12 जुलाई की दरमियानी रात नूतन चौक स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी/विशेष गृह (बाल संप्रेक्षण गृह) में हुई थी। यहां पदस्थ सहायक सह रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर चार किशोर अपचारी फरार हो गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मामले में तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
परिजनों का आरोप- हाथ-पैर बांधकर की गई थी हत्या
मृतक के परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खांडे के हाथ-पैर बांधकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, ताकि वे शोर नहीं मचा सकें।
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि वारदात को बाल संप्रेक्षण गृह में बंद चार किशोर अपचारियों ने मिलकर अंजाम दिया और हत्या के बाद सभी मौके से फरार हो गए।
कई राज्यों में जारी है तलाश
पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों की तलाश में गठित टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। रायगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस का बयान
बिलासपुर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि घटना के बाद कुछ तथाकथित युवाओं द्वारा मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें ऐसी मांगों और आश्वासनों के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनका विधिक प्रावधानों में कोई आधार नहीं है।
पुलिस के अनुसार घटना के दिन से ही शासन के नियमानुसार मिलने वाली सहायता और मुआवजा संबंधी जानकारी परिजनों को उपलब्ध कराते हुए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से धरना-प्रदर्शन जारी रखने के लिए परिजनों को प्रभावित कर रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसे लोगों के संबंध में जानकारी और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो वर्तमान में जमानत पर हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक की पत्नी का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण
पुलिस और जिला प्रशासन के अनुसार 18 जुलाई 2026 को मृतक की पत्नी की तबीयत खराब होने पर अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। चिकित्सकीय जांच में स्वास्थ्य ठीक नहीं पाए जाने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई। प्रारंभिक अनिच्छा के बाद तहसीलदार और थाना प्रभारी सरकंडा की समझाइश पर उन्हें देर रात सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों से लगातार संपर्क में प्रशासन
पुलिस का कहना है कि घटना के पहले दिन से ही जिला प्रशासन और पुलिस मृतक के परिवार के संपर्क में हैं। परिजनों से लगातार संवाद किया जा रहा है और पूरे मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न राज्यों में अभियान लगातार जारी है।



