उचित मूल्य दुकानों में घुसा पानी, रिकॉर्ड, फर्नीचर और खाद्यान्न को नुकसान; सर्वे, क्षतिपूर्ति और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
बिलासपुर। हाल की भारी बारिश और बाढ़ ने सिर्फ आम लोगों के घरों और कारोबार को ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को भी बड़ा झटका दिया है। जिले के कई इलाकों में उचित मूल्य (राशन) दुकानों में पानी घुसने से बड़ी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न भीगकर खराब हो गया। इसके साथ ही दुकानों में रखे अभिलेख, फर्नीचर और अन्य सामग्री भी क्षतिग्रस्त हो गई। नुकसान से परेशान शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ ने सोमवार को जिला खाद्य नियंत्रक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सर्वे, मुआवजे और तत्काल राहत की मांग की।






संघ का कहना है कि जलभराव के कारण कई राशन दुकानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे न केवल दुकानदार संकट में हैं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन भी प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश ने बिगाड़ी पीडीएस व्यवस्था
शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष रवि परयानी ने बताया कि बिलासपुर जिले में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान अनेक उचित मूल्य दुकानों में पानी भर गया। इससे दुकानों में रखा खाद्यान्न भीग गया और कई जगह उपयोग योग्य नहीं रहा। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज, रजिस्टर, कंप्यूटर से जुड़े रिकॉर्ड, फर्नीचर और अन्य सामग्री भी खराब हो गई।
संघ के अनुसार यह नुकसान केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
प्रशासन से चार प्रमुख मांगें
जिला खाद्य नियंत्रक को दिए गए ज्ञापन में संघ ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
जिले की सभी प्रभावित उचित मूल्य दुकानों का तत्काल सर्वे कराया जाए।
जिन दुकानों में खाद्यान्न और अन्य सामग्री खराब हुई है, उनके नुकसान का आकलन कर शासन को प्रतिवेदन भेजते हुए उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
क्षतिग्रस्त खाद्यान्न के संबंध में विभाग स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि दुकानदारों को प्रशासनिक या वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन राज्य शासन को पूरे मामले से अवगत कराकर प्रभावित दुकानदारों को शीघ्र राहत दिलाने की पहल करे।
कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों को भी भेजी प्रतिलिपि
संघ ने ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर बिलासपुर, बिलासपुर विधायक और बेलतरा विधायक को भी भेजी है। ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों से प्रभावित राशन दुकानदारों के हित में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया है।
नुकसान का आकलन और राहत का इंतजार
राशन दुकानदारों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ यह नुकसान उनके नियंत्रण से बाहर था। ऐसे में यदि समय पर सर्वे और नुकसान का आकलन नहीं हुआ तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। फिलहाल दुकानदारों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि प्रभावित दुकानों का सर्वे कर क्षति का आकलन किया जा सके और राहत की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।



