बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 48 घंटे के भीतर दूसरा रेल हादसा सामने आया है। सोमवार, 13 जुलाई को करगी रोड (कोटा) रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एक मालगाड़ी के कई वैगन पटरी से उतर गए। हादसे के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, इंजीनियरिंग, परिचालन और तकनीकी कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और बहाली का काम शुरू किया गया।
हादसे के दौरान एक वैगन के नीचे जेसीबी मशीन का बकेट फंस गया, जिससे राहत और बहाली कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। रेलवे की तकनीकी टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से वैगनों को दोबारा ट्रैक पर लाने की प्रक्रिया शुरू की। घटना के कारण प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रेल संचालन प्रभावित रहा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब महज दो दिन पहले शनिवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर भी एक मालगाड़ी का वैगन पटरी से उतर गया था। उस समय मालगाड़ी की रफ्तार कम होने के कारण बड़ा हादसा टल गया था। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और वैगन को ट्रैक पर लाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया था।
लगातार दो दिनों के अंतराल में बिलासपुर रेल मंडल में मालगाड़ियों के डिरेल होने की घटनाओं ने रेलवे के परिचालन और ट्रैक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि दोनों घटनाओं में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, क्योंकि हादसे मालगाड़ियों के साथ हुए।
करगी रोड (कोटा) स्टेशन पर हुए डिरेलमेंट के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। तकनीकी टीम ने ट्रैक, पॉइंट्स, वैगनों और अन्य रेलवे उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। बहाली कार्य के दौरान रेलवे के कई विभागों के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और प्रभावित लाइन को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास किए गए।
रेलवे की ओर से हादसे के कारणों को लेकर तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती स्तर पर डिरेलमेंट की परिस्थितियों का परीक्षण किया जा रहा है। वहीं, शनिवार को बिलासपुर स्टेशन के पास हुए डिरेलमेंट की जांच भी पहले से जारी है।
लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद बिलासपुर रेल मंडल में ट्रैक, पॉइंट्स और मालगाड़ियों के परिचालन की तकनीकी स्थिति की जांच रेलवे के लिए महत्वपूर्ण विषय बन गई है। फिलहाल रेलवे की टीमें दोनों घटनाओं से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई हैं।



