

बिलासपुर। किडनी रोगियों के लिए नियमित डायलिसिस जीवनरक्षक प्रक्रिया मानी जाती है। ऐसे मरीजों के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर की डायलिसिस यूनिट लगातार निःशुल्क और अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध करा रही है। संस्थान के मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित यूनिट में जनवरी से जून 2026 के बीच 315 मरीजों के कुल 3,060 सफल हेमोडायलिसिस सत्र किए गए। यह सेवा आयुष्मान योजना के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
सिम्स में वर्तमान समय में 10 अत्याधुनिक हेमोडायलिसिस मशीनों के माध्यम से नियमित रूप से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यूनिट में अनुभवी चिकित्सकों, प्रशिक्षित डायलिसिस तकनीशियनों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में उपचार की व्यवस्था संचालित है, जहां गुणवत्ता और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
छह महीने में 3,060 डायलिसिस सत्र
मेडिसिन विभाग के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच कुल 315 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें—
सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराने वाले 45 मरीजों के 1,080 हेमोडायलिसिस सत्र हुए।
सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराने वाले 116 मरीजों के 1,400 हेमोडायलिसिस सत्र किए गए।
154 भर्ती (आईपीडी) मरीजों के 580 डायलिसिस सत्र संपन्न हुए।
इस प्रकार छह माह में कुल 3,060 सफल हेमोडायलिसिस सत्र पूरे किए गए।
विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उपचार
डायलिसिस यूनिट का संचालन मेडिसिन विभाग के डॉ. आशुतोष कोरी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यूनिट की सिस्टर इंचार्ज श्रीमती वंदना घोष, डायलिसिस यूनिट इंचार्ज फलेश्वर कश्यप तथा डायलिसिस टेक्निशियन रोशन, अजय, नेहा और सतीश नियमित रूप से उपचार सेवाओं में योगदान दे रहे हैं।
संक्रमण नियंत्रण और यूनिट की स्वच्छता बनाए रखने में हाउसकीपिंग स्टाफ मालती, राजू और मीना की भी जिम्मेदारी तय की गई है।
क्या बोले अधिष्ठाता
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद मरीज तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उनके अनुसार आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और समर्पित टीम के कारण मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा भविष्य में सेवाओं का और विस्तार करने की योजना है।
चिकित्सा अधीक्षक ने गुणवत्ता पर दिया जोर
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स की डायलिसिस यूनिट आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और उपचार की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, तकनीशियनों, नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ के समन्वय से मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी डायलिसिस सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क सुविधा
सिम्स के अनुसार संस्थान में पात्र मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क हेमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य किडनी रोगियों को आर्थिक बोझ से राहत देते हुए नियमित उपचार उपलब्ध कराना है।
फैक्ट बॉक्स | सिम्स डायलिसिस यूनिट एक नजर में
अवधि: जनवरी–जून 2026
कुल मरीज: 315
कुल हेमोडायलिसिस सत्र: 3,060
डायलिसिस मशीनें: 10 अत्याधुनिक मशीनें
सप्ताह में दो बार डायलिसिस वाले मरीज: 45 (1,080 सत्र)
सप्ताह में तीन बार डायलिसिस वाले मरीज: 116 (1,400 सत्र)
आईपीडी मरीज: 154 (580 सत्र)
सुविधा: आयुष्मान योजना के तहत पात्र मरीजों के लिए निःशुल्क हेमोडायलिसिस
संचालन: मेडिसिन विभाग, सिम्स बिलासपुर



