अभय नारायण राय बोले—निरीक्षण तो हो गया, अब नालियां, पानी, भाजपा की अंदरूनी कलह और जनता की परेशानियों पर भी जवाब दें प्रभारी मंत्री
बिलासपुर। उपमुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री एवं बिलासपुर के प्रभारी मंत्री अरुण साव के रविवार को स्कूटी से शहर का दौरा कर नगर निगम के विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “उपमुख्यमंत्री जी देर आए, दुरुस्त आए। आखिरकार उन्हें बिलासपुर का ख्याल आया, शहर की चिंता हुई और विकास कार्यों की याद आई।”
कांग्रेस ने कहा कि विकास कार्यों का निरीक्षण करना अच्छी बात है, लेकिन शहर की वास्तविक समस्याओं से जूझ रही जनता और नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों से सीधा संवाद भी उतना ही जरूरी है। राय ने सवाल उठाया कि आईटीआई दौरे और अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद उपमुख्यमंत्री यह भी बताएं कि वे नगर निगम के पार्षदों और आम नागरिकों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं कब सुनेंगे।
‘जनता रोजमर्रा की समस्याओं से परेशान’
अभय नारायण राय ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन शहर में नालियों की सफाई को लेकर लोग परेशान हैं। कई इलाकों में जलभराव की आशंका बनी हुई है। वहीं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सहित नगर निगम के रोजमर्रा के कार्यों को लेकर भी नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि उपमुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों से भी संवाद करते तो उन्हें जमीनी हालात की वास्तविक जानकारी मिलती।
‘भाजपा की अंदरूनी कलह पर भी लेते संज्ञान’
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा के भीतर चल रहे विवादों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम में महापौर और एमआईसी सदस्यों के बीच चल रही खींचतान तथा भाजपा पार्षदों के बीच सार्वजनिक रूप से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप किसी से छिपे नहीं हैं। यदि प्रभारी मंत्री शहर के दौरे पर आए थे तो उन्हें इन राजनीतिक और प्रशासनिक हालात का भी संज्ञान लेना चाहिए था।
‘सिर्फ निरीक्षण नहीं, संवाद भी जरूरी’
कांग्रेस ने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण अपनी जगह है, लेकिन जनता की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से भी सीधा संवाद स्थापित किया जाए। पार्टी ने कहा कि शहर के वार्डों में सफाई, पेयजल, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस के प्रमुख सवाल
उपमुख्यमंत्री जनता और नगर निगम पार्षदों से सीधा संवाद कब करेंगे?
बरसात से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पर क्या कार्रवाई हुई?
शुद्ध पेयजल और नगर निगम की रोजमर्रा की सेवाओं में आ रही शिकायतों का समाधान कब होगा?
नगर निगम में महापौर, एमआईसी सदस्यों और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे विवाद पर प्रभारी मंत्री का क्या रुख है?
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि शहर के विकास कार्यों का निरीक्षण स्वागतयोग्य है, लेकिन जनता की समस्याओं और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर प्रत्यक्ष संवाद तथा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर स्पष्टता भी उतनी ही आवश्यक है।



