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स्कूटी से निकले डिप्टी सीएम…अरपा नदी के पुनरुद्धार को 251 करोड़ की परियोजना पर मिली सैद्धांतिक मंजूरी, 70 नालों का गंदा पानी रोका जाएगा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। शहर की जीवनदायिनी अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने 250.93 करोड़ रुपये की पुनरुद्धार परियोजना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस परियोजना के तहत शहर के 70 नालों का दूषित पानी सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए इंटरसेप्शन, डाइवर्जन और सीवेज ट्रीटमेंट की व्यापक व्यवस्था विकसित की जाएगी।
रविवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने करीब तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी और लोक निर्माण विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


तीन घंटे तक स्कूटी से किया विकास कार्यों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर बन रहे अटल पथ, अशोकनगर-बिरकोना गौरव पथ सहित कई निर्माणाधीन परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा की तथा अधूरे कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।
एसटीपी निर्माण में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों से निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरा कराने की बात कही।
70 नालों के दूषित पानी को रोकने बनेगा नया सिस्टम
अरपा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए नगर निगम ने 250 करोड़ 93 लाख रुपये का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया है। वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र के लगभग 70 नालों का गंदा पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है।
परियोजना के तहत 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित इन नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, तीन सीवेज पंपिंग स्टेशन तथा दो नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा विद्युतीकरण और इंस्ट्रूमेंटेशन से जुड़े कार्य भी परियोजना का हिस्सा होंगे। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का दूषित पानी उपचार के बाद ही नदी तक पहुंचेगा।
राज्य शासन स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होगी
उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर राज्य शासन स्तर पर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अरपा नदी संरक्षण की योजना पर जल्द काम शुरू किया जा सके।
बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों के स्थानांतरण पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान शहर में बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने का विषय भी सामने आया। भविष्य में नए बिजली खंभे अथवा ट्रांसफार्मर स्थापित करने से पहले नगर निगम की सहमति लेने की बात कही गई।
कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त पार्किंग विकसित करने तथा उसके पीछे स्थित शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने का विषय भी निरीक्षण के दौरान शामिल रहा।
सुशांत शुक्ला ने भी रखे सुझाव
निरीक्षण के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला भी पूरे समय उप मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। उन्होंने लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए व्यवहारिक समाधान अधिकारियों के समक्ष रखे।
इस दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सीएसईबी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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