बिलासपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह ने बिजली, गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण आम लोगों के घरों का बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है और जनता आर्थिक दबाव झेलने को मजबूर है।
रविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसानों के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि कर अन्याय किया है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान और गरीब किसानों का प्रदेश है, जहां पहले से ही स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। ऐसे में बार-बार बिजली दरों में बढ़ोतरी से आम जनता की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि कर सरकार ने लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों से लोग पहले ही परेशान थे, वहीं बिजली महंगी होने से घरेलू खर्चों पर और असर पड़ा है।
पूर्व सदस्य ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान लागू की गई बिजली बिल हाफ योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को राहत देना था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया और लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर रही है। इससे आम परिवारों, किसानों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रविंद्र सिंह ने कहा कि बिजली, ईंधन और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।



