
पानी निकासी की बदहाल व्यवस्था पर फूटा गुस्सा; फाइलों में अटके 500 से ज्यादा कामों को लेकर पार्षदों ने जताई नाराजगी
बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा में सोमवार को पानी निकासी के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। भाजपा पार्षद जय वाधवानी ने शहर में जलभराव की समस्या को लेकर निगम अफसरों पर तीखा तंज कसते हुए कहा—“हालात ऐसे हैं कि अब लोगों को नाव खरीदने की सलाह देनी पड़ेगी।” इस बयान के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया और पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
हर बारिश में डूबता शहर, बढ़ती नाराजगी
पार्षदों ने आरोप लगाया कि—
हल्की बारिश में भी सड़कों पर पानी भर जाता है
नालियों की सफाई सिर्फ कागजों तक सीमित है
ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है
जय वाधवानी ने कहा कि जब हालात इतने खराब हैं तो जनता को “नाव खरीदने” की सलाह देना ही बचता है, क्योंकि निगम की व्यवस्था भरोसे के लायक नहीं रह गई है।
500 से ज्यादा फाइलें लंबित, विकास ठप
सामान्य सभा में फाइलों में लंबित कार्यों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा।
पार्षदों ने बताया कि—
करीब 500 से अधिक प्रस्ताव अब भी अटके हुए हैं
स्वीकृति के बाद भी काम शुरू नहीं हो रहे
अधिकारी जवाब देने से बचते हैं
इस पर पार्षदों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
सदन में तीखी नोकझोंक, बयान पर बवाल
“नाव खरीद लो” वाले बयान के बाद—
कुछ पार्षदों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया
वहीं कई पार्षदों ने कहा कि यह जमीनी हकीकत को दर्शाता है
सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही प्रभावित हुई।
अफसरों का जवाब: काम जारी, जल्द सुधार
निगम अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा—
जलनिकासी के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं
बजट और तकनीकी कारणों से देरी हुई
आने वाले समय में व्यवस्था सुधारी जाएगी
लेकिन पार्षद इन जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आए और ठोस कार्रवाई की मांग की।

