

बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1301 करोड़ 67 लाख 58 हजार रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में शहर के विकास के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए, लेकिन प्रस्तुति के साथ ही सदन में जमकर हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर निधि में भेदभाव, सफाई व्यवस्था की बदहाली और पिछले बजट के कामों पर सवाल उठाते हुए सत्ता पक्ष को घेर लिया। बैठक के दौरान कई बार तीखी नोकझोंक और शोर-शराबे की स्थिति बनी रही।
विकास के नाम पर बड़े प्रावधान
नगर निगम ने इस बार बजट को विकासोन्मुख बताते हुए स्मार्ट सिटी, महिला सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस किया है।
शहर में फ्री वाई-फाई की योजना
विद्यार्थियों के लिए डिजिटल पढ़ाई की सुविधा
छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड
हर जोन में पिंक टॉयलेट और पिंक गार्डन
चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए 12 करोड़
हरियाली बढ़ाने 5 करोड़ रुपए का प्रावधान
स्मार्ट वेंडिंग जोन और फूड स्ट्रीट
30 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क और नाली निर्माण
विपक्ष का आरोप: 1000 करोड़ खर्च, जमीन पर कुछ नहीं
बजट पेश होते ही कांग्रेस पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि पिछले बजट में भी करीब 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है।
विपक्ष ने ये आरोप लगाए—
महापौर निधि में पक्षपात, भाजपा पार्षदों के वार्डों को प्राथमिकता
70 वार्डों में सफाई व्यवस्था बदहाल
सफाई ठेका कंपनी को सामान्य सभा की मंजूरी बिना एक्सटेंशन
वरिष्ठ पार्षद शहजादी कुरैशी ने कहा कि विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं।
प्रश्नकाल में ही गरमाया माहौल
बैठक की शुरुआत से ही प्रश्नकाल के दौरान माहौल गरम रहा।
मेयर निधि के खर्च को लेकर तीखी बहस हुई
गंदे पानी की सप्लाई को लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई
इसी दौरान सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही प्रभावित होती रही।
अवैध निर्माण पर सभापति सख्त
सभापति ने गोलबाजार वार्ड में अवैध निर्माण का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण हटाने के निर्देश दिए। हंगामे के बीच पार्षद पति समेत कुछ लोगों को सदन से बाहर भी किया गया।
मेयर बोलीं- हर वार्ड के विकास का ध्यान
हंगामे के बीच महापौर पूजा विधानी ने बजट का बचाव करते हुए कहा कि इसमें सभी वार्डों और वर्गों का ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, हरियाली और महिला सुविधाओं पर विशेष फोकस किया गया है और आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।
हंगामे के बीच कई प्रस्ताव पारित
सामान्य सभा में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई—
33% महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय
पार्षदों को आजीवन पेंशन देने का प्रस्ताव
मानदेय और पार्षद निधि बढ़ाने पर सहमति
क्रिकेट स्टेडियम के लिए जमीन देने पर सहमति
ग्राम मंगला में 12 एकड़ जमीन पर क्रिकेट स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। क्रिकेट संघ के आवेदन पर निगम ने सहमति दी है, जिसे बीसीसीआई के सहयोग से विकसित किया जाएगा।
अब नजर अमल पर
नगर निगम का यह बजट जहां विकास के बड़े वादे कर रहा है, वहीं विपक्ष ने उसकी जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि यह बजट शहर के विकास को गति देता है या फिर पूर्व की तरह योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।

