बिलासपुर।

ज़िला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) बिलासपुर द्वारा आज 13 अप्रैल को सुबह 10.00 बजे कांग्रेस भवन में जलियावाला बाग की बरसी मनाई गई एवम शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के संयोजक श्री जफर अली जी ने बताया की केसे 1918 में विश्वयुद्ध समाप्ति के बाद ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी कानून रोलेक्ट एक्ट को मार्च 1919 में भारत में लागू किया, और अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में एकत्रित 20 हजार निहत्तो पर अंधाधुंध गोली बरसाई गई, श्री हरीश तिवारी जी ने बताया की जनरल डायर ने केसे निकासी के सभी दरवाजे बंद करवाने के बाद बैसाखी के दिन एकत्रित हजारों की संख्या की भीड़ पर गोलियां खतम होते तक गोली चलाते रहने का आदेश दिया जिसमे 1200 से अधिक शहीद, 3600 से अधिक लोग बुरी तरह से घायल हुए।
श्री विनोद साहू, श्री रंजीत खनूजा, श्रीमती सीमा घृतेश, श्री दीपक रचेलवार, श्री गौरव ऐरी एवम श्री राहुल ठाकुर आदि ने उस दर्दनाक दिन की दुखद घटना का विस्तृत रूप में विवरण देते हुए बताया की पूरा बाग खून और मृतको के देह से भरा हुआ था, यहां तक की बाग में स्थित एक कुआं भी अनगिनत लोगो के शरीरों से भर चुका था|
सरदार उद्धम सिंह जी एवम सरदार भगत सिंह जी ने भारतीयों पर हुए इस बर्बरता का बदला लेने का प्रण लिया, एवम सरदार भगत सिंह जी ने बाग की रक्त सिंचित मिट्टी को अपने पास एक कांच की बोतल में सहेज के रख लिया।
सरदार उद्धम सिंह जी ने 1940 में इंग्लैंड में माइकल ओ डायर की हत्या कर के जलियांवाला बाग का आखिरकार बदला लेते हुए अपना प्रण पूरा किया, ज्ञात हो की आजतक ब्रिटेन की हुकूमत ने इस दमनकारी कृत के लिए माफी तक नहीं मांगी है, जो अपने आप में बहुत ही निंदनीय है,
कार्यक्रम में*
सैय्यद जफर अली
हरीश तिवारी
दीपक राचेलवर
सीमा घृतेश
विनोद साहू
स्वर्णा शुक्ला
सुभाष ठाकुर
गौरव ऐरी
प्रियंका यादव
राहुल ठाकुर
राहुल वाधवानी
सुदेश नंदनी ठाकुर
रंजीत खनूजा
राकेश केसरी
रखेंद्र तिवारी
राजेश शर्मा
वीरेंद्र सारथी
राजकुमार यादव
सुरेंद्र तिवारी
संतोष पीपलवा
सतेंद्र तिवारी
माधव ओतलवार
राजेश यादव
सुनील पांडे
शुभलक्ष्मी सिंह
अन्नपूर्णा ध्रुव
चंद्रहास केसरवानी
कौशिक धर
आदि उपस्थित रहे।

