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“महिला पार्षदों की दहाड़ से गूंजा निगम सदन: ‘दूषित पानी से त्राहि-त्राहि’, शहजादी कुरैशी के आरोपों पर गरमाई राजनीति”

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा सोमवार को उस वक्त हंगामेदार हो गई, जब कांग्रेस की महिला पार्षदों ने शहर में मटमैले और दूषित पानी की सप्लाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। वरिष्ठ पार्षद शहजादी कुरैशी की अगुवाई में महिला पार्षदों की दहाड़ से पूरा सदन गूंज उठा और सत्ता पक्ष को भी जवाब देना मुश्किल हो गया।


बिलासपुर। लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में इस बार महिला पार्षदों का आक्रामक तेवर चर्चा का केंद्र बन गया। शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की महिला पार्षदों ने ऐसा मोर्चा खोला कि सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया।
“पूरे शहर में मटमैला और दूषित पानी” — शहजादी कुरैशी
कांग्रेस की वरिष्ठ पार्षद शहजादी कुरैशी ने सबसे पहले मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिलासपुर के कई वार्डों में मटमैला और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने को मजबूर हैं
इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है
लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हो रहा
उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
“जल विभाग के प्रभारी के घर भी मटमैला पानी”
शहजादी कुरैशी ने तंज कसते हुए कहा कि हालात इतने खराब हैं कि जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी के घर तक मटमैला पानी पहुंच रहा है।
इस टिप्पणी के बाद सदन में शोर-शराबा और तेज हो गया और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
सभापति से सीधा सवाल, अधिकारियों पर दबाव
कुरैशी ने सभापति विनोद सोनी और निगम अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए जवाब मांगा कि आखिर कब तक शहरवासी इस समस्या से जूझते रहेंगे।
उन्होंने मांग की कि पानी की गुणवत्ता और सप्लाई व्यवस्था पर तत्काल स्पष्ट जवाब दिया जाए।
महापौर का जवाब— “मटमैला है, लेकिन खराब नहीं”
मामले को शांत करने के लिए महापौर पूजा विधानी ने हस्तक्षेप किया।
उन्होंने कहा—
पानी मटमैला जरूर आ रहा है
लेकिन वह दूषित या पीने योग्य नहीं होने जैसा नहीं है
पानी की लैब में टेस्टिंग कराई गई है
महापौर के इस बयान पर विपक्ष के पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई।
सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी उठाए सवाल
हैरानी की बात यह रही कि इस मुद्दे पर सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों ने भी सवाल खड़े किए।
कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में पानी की खराब स्थिति बताई
जल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे
सप्लाई सिस्टम में गड़बड़ी और निगरानी की कमी को लेकर नाराजगी सामने आई
दूषित पानी पर जमकर बवाल, सदन में बार-बार हंगामा
पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी रही।
महिला पार्षदों ने एकजुट होकर आवाज उठाई
सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई
अधिकारियों को बार-बार घेरा गया
बैठक के दौरान पानी का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा और इसी पर सबसे ज्यादा बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।

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