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“मेयर फंड पर ‘भेदभाव’ का विस्फोट, कांग्रेस पार्षद अब्दुल इब्राहिम का हमला— ‘भाजपा वार्डों में लाखों, हमारे हिस्से में शून्य’, सदन में 10 मिनट तक घमासान”

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में मेयर फंड के बंटवारे को लेकर सियासी पारा उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब कांग्रेस पार्षद अब्दुल इब्राहिम ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए महापौर पर सीधा हमला बोल दिया। उनके आरोपों के बाद कांग्रेसी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और करीब 10 मिनट तक सदन ठप जैसी स्थिति में रहा। महापौर पूजा विधानी ने कुछ कांग्रेसी परिषदों के वार्ड में निधि देने की बात कही।
बिलासपुर। लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में इस बार मेयर फंड को लेकर ऐसा सियासी तूफान उठा, जिसने सत्ता और विपक्ष के बीच की खाई को खुलकर सामने ला दिया। कांग्रेस पार्षद अब्दुल इब्राहिम ने अपने आक्रामक तेवरों से पूरे सदन का ध्यान खींच लिया।


“दलगत राजनीति से ऊपर उठने की बात सिर्फ भाषणों तक”
अब्दुल इब्राहिम ने अपने उद्बोधन की शुरुआत में ही तीखा तंज कसते हुए कहा कि—
सदन में हमेशा विकास को दलगत राजनीति से ऊपर रखने की बातें की जाती हैं
लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई पालन नहीं हो रहा
उन्होंने कहा कि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है और विकास कार्यों में साफ तौर पर राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा है।


मेयर फंड के बंटवारे पर बड़ा आरोप
इब्राहिम ने सबसे गंभीर आरोप महापौर निधि को लेकर लगाया।
उन्होंने कहा—
लाखों रुपए की राशि भाजपा पार्षदों के वार्डों में दी जा रही है
सामुदायिक भवन मरम्मत और अन्य विकास कार्यों के लिए फंड आवंटित किया गया
लेकिन उनके वार्ड को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया
उन्होंने खास तौर पर यह मुद्दा उठाया कि उनका वार्ड महापौर पूजा विधानी के वार्ड के बिल्कुल नजदीक है, फिर भी उन्हें कोई राशि नहीं दी गई।


“पड़ोस में विकास, हमारे वार्ड में उपेक्षा”
इब्राहिम ने कहा कि एक ही इलाके में इस तरह का अंतर साफ तौर पर भेदभाव को दर्शाता है।
उन्होंने सवाल किया—
क्या विकास का पैमाना राजनीतिक पहचान से तय होगा?
क्या विपक्षी पार्षदों के वार्डों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
उनके इन सवालों के बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
कांग्रेस पार्षदों का जोरदार हंगामा
अब्दुल इब्राहिम के आरोपों के समर्थन में कांग्रेस के अन्य पार्षद भी खड़े हो गए।
महापौर से जवाब मांगने को लेकर जोरदार नारेबाजी हुई
सदन में करीब 10 मिनट तक लगातार हंगामा चलता रहा
स्थिति ऐसी बनी कि कार्यवाही बाधित होती नजर आई
कांग्रेस पार्षदों ने इस मुद्दे को लेकर महापौर को घेरने की पूरी कोशिश की।
सत्ता पक्ष ने किया बचाव, बहस तेज
मामले के तूल पकड़ने पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी जवाब देने की कोशिश की।
फंड आवंटन के आधार और प्रक्रिया पर सफाई दी गई
आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया
इसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस का दौर शुरू हो गया।
विकास कार्यों और शहर की समस्याओं पर भी उठे सवाल
अब्दुल इब्राहिम ने अपने भाषण में सिर्फ मेयर फंड ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य मुद्दों को भी उठाया।
वार्ड में लंबित विकास कार्यों का जिक्र किया
मूलभूत सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए
निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई
उनके इस बहुआयामी हमले ने बैठक को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया।
सदन में गरमाया माहौल, आरोप-प्रत्यारोप का दौर
पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में लगातार तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
विपक्ष ने भेदभाव का आरोप दोहराया
सत्ता पक्ष ने जवाबी हमले किए
कई बार स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी
मेयर फंड का मुद्दा बैठक का सबसे बड़ा राजनीतिक विवाद बनकर उभरा, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे का लंबा दौर देखने को मिला।

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