
बिलासपुर/रतनपुर।
रेत के अवैध खनन की अंधेरी दुनिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लालच ने एक किशोर की जान ले ली और फिर सच छुपाने के लिए पूरी कहानी ही बदल दी गई। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वट में खारंग नदी किनारे अवैध रेत खनन के दौरान 17 वर्षीय लड़के की मौत के बाद पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए रेत माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
6-7 फीट गहरे गड्ढे में उतारा, फिर जिंदा दफन हो गया किशोर
घटना 9 अप्रैल 2026 की रात करीब 3 बजे की है, जब सूचना मिली कि रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर में सवार एक किशोर की मौत हो गई है। मृतक की पहचान अमित कश्यप (17 वर्ष), निवासी गढ़वट के रूप में हुई।
मर्ग जांच के दौरान चौंकाने वाला सच सामने आया। आरोपी तोषण कश्यप ने ज्यादा रेत निकालने के लालच में खारंग नदी में 6-7 फीट गहरा गड्ढा खुदवा रखा था। उसे पता था कि यह गड्ढा कभी भी धंस सकता है, इसके बावजूद उसने अमित कश्यप और एक अन्य युवक अमित यादव को उसी गड्ढे में काम करने के लिए उतार दिया।
इसी दौरान अचानक रेत और मिट्टी धंस गई, जिससे अमित कश्यप मौके पर ही दब गया और उसकी मौत हो गई, जबकि अमित यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे को ‘एक्सीडेंट’ बनाने की साजिश
घटना के बाद आरोपी ने सच छुपाने के लिए पूरी साजिश रच डाली।
रेत माफिया ने ट्रैक्टर को घटनास्थल से दूर ले जाकर ट्रॉली पलट दी और इसे सड़क हादसा बताने की कोशिश की, ताकि मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
लेकिन पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ गई और पूरी कहानी बेनकाब हो गई।
पुलिस जांच में खुली परतें, आरोपी गिरफ्तार
प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन (थाना प्रभारी रतनपुर) ने टीम के साथ मामले की गहन जांच की। साक्ष्यों और मर्ग जांच के आधार पर स्पष्ट हुआ कि यह मौत लापरवाही नहीं बल्कि जानबूझकर जोखिम में डालने का मामला है।
पुलिस ने आरोपी तोषण कश्यप (34 वर्ष) निवासी गढ़वट को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 238(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रेत खनन का काला खेल उजागर
इस पूरे मामले ने अवैध रेत खनन के खतरनाक स्वरूप को उजागर कर दिया है, जहां नियमों को दरकिनार कर जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है।
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अंशिका जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक नरेश गर्ग और आरक्षक गोविंदा यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

