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‘डेथ ट्रैक’ से राहत की राह… सीपत-बलौदा सड़क का होगा कायाकल्प, PWD का दावा—48 घंटे में वर्क ऑर्डर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रोज हादसे, हर घंटे जाम… अब 20 करोड़ से होगा पुनर्जन्म
बिलासपुर। कोरबा जाने का सबसे छोटा रास्ता मानी जाने वाली सीपत-बलौदा सड़क इन दिनों अपनी बदहाली के चरम पर है। चौबीसों घंटे दौड़ते ओवरलोड भारी वाहनों ने इसे ‘डेथ ट्रैक’ में बदल दिया है, जहां हर दिन वाहन फंसने और पलटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। राहत की खबर यह है कि सरकार ने इस सड़क के पुनर्निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं और इसी महीने इसके निर्माण कार्य की शुरुआत होने की संभावना है।


14 किमी की सड़क, लेकिन सफर बना जोखिम भरा
सीपत से बलौदा होते हुए लीलागर नदी तक करीब 14 किलोमीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। हालत यह है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दुपहिया सवारों को रास्ता खोजकर चलना पड़ रहा है, वहीं छोटे चारपहिया वाहनों का निकलना भी चुनौती बन गया है।
भारी वाहन किसी तरह गुजर रहे हैं, लेकिन लोडेड ट्रकों के लिए यह रास्ता किसी जोखिम से कम नहीं। आए दिन वाहन फंसने और पलटने की घटनाएं हो रही हैं।
ओवरलोड ट्रकों ने बिगाड़ी सड़क की सेहत
इस मार्ग की बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण है भारी वाहनों की लगातार आवाजाही।
कोरबा की ओर से कोयला लेकर आने वाले ट्रक शॉर्टकट के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं
सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट के कारण भारी ट्रैफिक लगातार बना रहता है
मस्तूरी, गतौरा और जयरामनगर क्षेत्र की खदानों से गिट्टी लदे वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं
लगातार ओवरलोड ट्रकों के दबाव से सड़क समय से पहले ही पूरी तरह उखड़ गई।
PWD ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया, वर्क ऑर्डर बाकी
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ वर्क ऑर्डर जारी किया जाना बाकी है।
आर.के. केला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी डिवीजन-1 के मुताबिक:
“सड़क का निर्माण नए सिरे से किया जाएगा। करीब 19.84 करोड़ की लागत से 14 किमी लंबी और 7 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी। एक-दो दिन में वर्क ऑर्डर जारी होने की संभावना है और इसी महीने काम शुरू हो सकता है।”
नए सिरे से बनेगी 7 मीटर चौड़ी सड़क
कुल लंबाई: 14 किमी
चौड़ाई: 7 मीटर
लागत: लगभग 19.84 करोड़ रुपए
निर्माण: पूरी तरह नए सिरे से
निर्माण पूरा होने के बाद यह मार्ग बिलासपुर-कोरबा कनेक्टिविटी के लिए बड़ी राहत देगा।
‘हर सफर में खतरा’: जान जोखिम में डालकर चल रहे लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर सफर करना अब मजबूरी बन चुका है।
गड्ढों के कारण बाइक सवार गिर रहे हैं
कार चालकों को घंटों जाम और खराब रास्ते से जूझना पड़ रहा है
कई जगह वाहन बीच सड़क में फंस जाते हैं
स्थिति इतनी खराब है कि लोग इसे “हादसों की सड़क” कहने लगे हैं।
उम्मीद: इस महीने खत्म होगी परेशानी की शुरुआत
लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी। अब फंड मंजूर होने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही राहत मिलेगी।
अगर तय समय पर काम शुरू हो गया, तो आने वाले महीनों में यह खतरनाक रास्ता एक सुरक्षित और सुगम मार्ग में बदल सकता है।

वर्जन
लोक निर्माण संभाग क्रमांक-1 के कार्यपालन अभियंता सी.एस. विंध्यराज ने बताया कि सीपत-बलौदा सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक-दो दिन के भीतर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

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