बिलासपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने सोमवार को शहर के नए और पुराने कम्पोजिट बिल्डिंग की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर के नाम अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने तहसीलदार के निलंबित रीडर प्रह्लाद नेताम की बहाली समेत विभिन्न मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
रीडर के निलंबन को बताया नियम विरुद्ध
ज्ञापन में संघ ने कहा कि तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ रीडर प्रह्लाद नेताम का निलंबन नियमों के विपरीत किया गया है। इसे तत्काल निरस्त कर उन्हें बहाल किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों में असंतोष का माहौल बन रहा है।
कम्पोजिट बिल्डिंग की हालत बदहाल
संघ ने नए और पुराने दोनों कम्पोजिट बिल्डिंग की स्थिति को चिंताजनक बताया। भवनों में गंदगी, सीलन और अव्यवस्था के कारण कर्मचारियों को काम करने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने भवनों के कायाकल्प और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाओं की कमी
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि दोनों परिसरों में महिला कर्मचारियों के लिए पर्याप्त प्रसाधन की व्यवस्था नहीं है। संघ ने पिंक टॉयलेट निर्माण की मांग करते हुए इसे प्राथमिकता से पूरा करने की बात कही।
सुरक्षा और पार्किंग की भी मांग
कर्मचारी संघ ने दोनों कम्पोजिट बिल्डिंग परिसरों में 24 घंटे सुरक्षा प्रहरी तैनात करने की मांग रखी है। इसके साथ ही पुराने कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई गई, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों को सुविधा मिल सके।
पदोन्नति और वेतनमान का मुद्दा भी उठाया
संघ ने लंबित पदोन्नति और समयमान वेतनमान के मामलों को भी जल्द निराकृत करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन मुद्दों के लंबित रहने से कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है।
कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



