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प्रहार” में खुला ऑनलाइन सट्टे का पैन-इंडिया सिंडिकेट, टेलीग्राम-व्हाट्सएप से जुड़ते थे कस्टमर, ‘रिक्की पैनल’ पर चल रहा था करोड़ों का खेल—बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों कैश समेत हाईटेक सेटअप जब्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 20 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे संगठित सट्टा नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ा प्रहार करते हुए एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो “रिक्की पैनल” के जरिए देशभर में ग्राहकों को जोड़कर Aviator, Wingo, Casino और Horse Riding जैसे प्लेटफॉर्म पर दांव लगवा रहा था। ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की परतें भी खंगाली जा रही हैं।


पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “प्रहार” के तहत यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग साइट्स के जरिए सट्टा खिलाने का संगठित नेटवर्क संचालित कर रहे थे, जिसमें पैन इंडिया स्तर पर ग्राहक जोड़े जाते थे और करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है।
कैसे काम करता था नेटवर्क
इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली पूरी तरह डिजिटल और बहु-स्तरीय थी।
कस्टमर को टेलीग्राम के जरिए पैन इंडिया स्तर पर जोड़ा जाता था।
व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर लिंक दिया जाता, जहां से ऑनलाइन सट्टा खेला जाता।


“रिक्की पैनल” के माध्यम से Aviator, Wingo, Casino, Horse Riding जैसे गेम उपलब्ध कराए जाते।
मुनाफे का 65% हिस्सा हेड ऑफिस और 35% हिस्सा ब्रांच को मिलता था।
लेन-देन के लिए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था।


गिरफ्तारी और फरार आरोपी पर इनाम
इस प्रकरण में पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें—
राजेश उर्फ राजा बजाज (34 वर्ष), निवासी गार्डन सिटी मोपका, बिलासपुर
प्रदीप खत्री (34 वर्ष), निवासी आदित्यनाथ परिसर मंगला, बिलासपुर
बताया गया कि आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए रायपुर में ठिकाना बदल-बदल कर रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले से ₹5000 का इनाम घोषित था।
जब्ती: हाईटेक गैजेट्स से लेकर लग्जरी वाहन तक
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सट्टा संचालन में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों और संपत्तियों का बड़ा जखीरा बरामद किया—
HP Pavilion लैपटॉप
Samsung S25 Ultra मोबाइल
iPhone 16 Pro, iPhone 17 Pro
05 बैंक पासबुक, 05 चेकबुक
Honda City कार (CG 10 AL 6300)
Maruti Brezza (CG 10 BS 2111)
Maruti Swift Dzire (CG 10 AQ 3352)
Honda Activa (व्हाइट)
₹6,90,000 नगद राशि
02 रजिस्टर, जिनमें लाखों रुपये के सट्टे का हिसाब
कुल अनुमानित जब्ती: लगभग ₹45 लाख
बैंक ट्रांजेक्शन और संपत्तियों की जांच शुरू
जांच में आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। पुलिस अब इन खातों के जरिए पूरे नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। साथ ही आरोपियों द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
पहले भी हो चुका है खुलासा
इस पूरे नेटवर्क की कड़ी 21 दिसंबर 2025 को पकड़े गए आरोपी मनोज पोपटानी से जुड़ती है। पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि वह अपने साथियों राजेश बजाज और प्रदीप खत्री के साथ मिलकर बिलासपुर, रायपुर और अन्य महानगरों से ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था।
आरोपियों द्वारा आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल किए जाते थे, जिनका इस्तेमाल रकम के ट्रांजेक्शन और निकासी में किया जाता था।
पुलिस रिमांड की कोशिश, न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों का रिमांड मांगा था, हालांकि न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आवश्यकता पड़ने पर आगे पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी के बढ़ते नेटवर्क पर देशभर में निगाहें टिकी हैं और डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित अवैध गतिविधियों के नए तरीके लगातार सामने आ रहे हैं।

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