नहर, एनीकट और स्टॉपडेम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 16.79 करोड़ रुपए अटका
विधानसभा में विधायक अटल श्रीवास्तव ने उठाया मुद्दा, अधिकांश मामले राजस्व विभाग में लंबित
बिलासपुर/कोटा। कोटा विधानसभा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक सैकड़ों किसानों को नहीं मिल पाया है। विधानसभा के बजट सत्र में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से यह मामला उठाया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखित जानकारी दी कि कोटा विधानसभा के 40 गांवों के 522 किसानों का कुल 16 करोड़ 79 लाख 53 हजार रुपए का मुआवजा अब तक लंबित है।

सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह मुआवजा वर्ष 2016 से 2025 के बीच निर्मित नहर, एनीकट और स्टॉपडेम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित या प्रभावित जमीन के बदले दिया जाना था, लेकिन कई वर्षों बाद भी बड़ी संख्या में किसान भुगतान के इंतजार में हैं।
तीन जल संसाधन संभागों में अटका मुआवजा
सरकारी जवाब के अनुसार मुआवजा भुगतान तीन अलग-अलग जल संसाधन संभागों में लंबित है—
जल संसाधन संभाग मरवाही – 9 किसान
जल संसाधन संभाग पेंड्रारोड – 402 किसान
जल संसाधन संभाग कोटा – 100 किसान
इस तरह कुल 522 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
40 गांव प्रभावित, करोड़ों की राशि अटकी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोटा विधानसभा क्षेत्र के करीब 40 गांवों में जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण या प्रभावित भूमि के मामले सामने आए हैं। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से—
नहर निर्माण
एनीकट
स्टॉपडेम
जैसी संरचनाओं का निर्माण शामिल है।
इन कार्यों के कारण किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई या प्रभावित हुई, जिसके बदले 16.79 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाना था।
राजस्व विभाग में फाइलें अटकीं
सरकार के जवाब के मुताबिक अधिकांश मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया राजस्व विभाग में लंबित है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े दस्तावेज, मुआवजा निर्धारण, सत्यापन और स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
इस वजह से कई किसानों को सालों से मुआवजे का इंतजार करना पड़ रहा है।
विधानसभा में उठाया गया सवाल
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधानसभा के बजट सत्र में तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से पूछा था कि—
कोटा विधानसभा में जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं में कितने किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई?
कितने किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला?
मुआवजा कब से लंबित है?
और यह किस स्तर पर अटका हुआ है?
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने लिखित जानकारी देते हुए बताया कि 2016 से 2025 के बीच बने परियोजनाओं में 522 किसानों का मुआवजा अभी तक लंबित है।
किसानों में नाराजगी की स्थिति
कई वर्षों से मुआवजा नहीं मिलने के कारण प्रभावित किसानों में नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। किसानों का कहना है कि जमीन का उपयोग परियोजनाओं में हो चुका है, लेकिन भुगतान समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फैक्ट
विधानसभा क्षेत्र: कोटा
प्रभावित गांव: 40
प्रभावित किसान: 522
लंबित मुआवजा: 16 करोड़ 79 लाख 53 हजार रुपए
समय अवधि: 2016 से 2025 के बीच बनी परियोजनाएं
लंबित स्तर: अधिकांश मामले राजस्व विभाग में प्रक्रियाधीन

