बिलासपुर। शहर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा नेटवर्क चलाने वाले आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। थाना सिविल लाइन क्षेत्र में दर्ज अलग-अलग प्रकरणों में शामिल 6 सटोरिये घटना के बाद से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है, लेकिन अब तक वे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने प्रत्येक आरोपी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि इन फरार सटोरियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस की पकड़ से दूर 6 सटोरिये, इन पर घोषित हुआ इनाम
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने के मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
सागर चेतवानी (37)
पिता – स्व. हरिराम चेतवानी
निवासी – वार्ड नं. 48 दुबे गली, शिवघाट पुराना सरकंडा बिलासपुर
वर्तमान पता – रामवैली बोदरी मकान नं. R-6, थाना चकरभाठा, जिला बिलासपुर।
रोहित पंजवानी (36)
पिता – नारायण दास पंजवानी
निवासी – चकरभाठा कैम्प, नगर पंचायत बोदरी, थाना चकरभाठा, जिला बिलासपुर।
राजेश उर्फ राजा बजाज (31)
पिता – किशन बजाज
निवासी – गार्डन सिटी, मोपका रोड, राजकिशोर नगर, बिलासपुर।
प्रकाश पंजवानी (37)
पिता – स्व. हरिराम पंजवानी
निवासी – साईं भूमि, तोरवा थाना क्षेत्र, जिला बिलासपुर।
सोमू उर्फ अभिजीत दुबे (38)
पिता – स्व. सतीश दुबे
निवासी – मिलन चौक, कुदुदंड, बिलासपुर।
राज चेतानी (35)
पिता – दिलीप चेतानी
निवासी – सिंधी कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर।
सट्टे के नेटवर्क पर पुलिस की लगातार दबिश
पुलिस के अनुसार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट सट्टा खिलाने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अलग-अलग मामलों में इन आरोपियों के नाम सामने आए हैं। कार्रवाई की भनक लगते ही सभी आरोपी फरार हो गए।
थाना सिविल लाइन पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, साथ ही तकनीकी माध्यमों से भी आरोपियों की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गुप्त
पुलिस ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इन आरोपियों के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत थाना सिविल लाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, और प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

