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मेंटल हॉस्पिटल में मानसिक रोगी ने लगाई फांसी, बाथरूम के चौखट से गमछे के सहारे झूलता मिला शव

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur बिलासपुर। बिलासपुर के सेंदरी स्थित मेंटल हॉस्पिटल में एक मानसिक रोगी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार महासमुंद से लाकर भर्ती कराए गए मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में गमछे से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि मानसिक रूप से अस्थिर मरीज के बाथरूम तक इस तरह पहुंचने और आत्महत्या करने की घटना को गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है।


महासमुंद से लाकर एक दिन पहले ही कराया गया था भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार मृतक मानसिक रोगी लखन लाल साहू को महासमुंद जिले से लाकर बिलासपुर के सेंदरी स्थित मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि उसे गुरुवार को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था और शुक्रवार को उसने आत्महत्या कर ली।
परिजनों के अनुसार मरीज की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे इलाज के लिए यहां लाया गया था। भर्ती के बाद अस्पताल में उसकी निगरानी की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की थी।


बाथरूम के चौखट से गमछे के सहारे झूलता मिला
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मरीज अस्पताल के बाथरूम में गया था। कुछ समय बाद जब वह बाहर नहीं निकला तो स्टाफ को शक हुआ। जांच करने पर वह बाथरूम के चौखट में गमछे के सहारे फांसी के फंदे पर झूलता मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। तत्काल अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई और पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई।


कोनी थाना क्षेत्र का मामला
यह पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र स्थित सेंदरी के मेंटल हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद कोनी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अस्पताल स्टाफ और प्रबंधन से भी जानकारी ली जा रही है।
पत्नी से मोबाइल नहीं देने पर कही थी आत्महत्या की बात
परिजनों के अनुसार मरीज ने अपनी पत्नी से मोबाइल फोन मांगने को लेकर नाराजगी जताई थी। बताया जा रहा है कि मोबाइल नहीं देने पर उसने आत्महत्या करने की बात भी कही थी।
इस जानकारी के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर मरीज पहले ही आत्मघाती व्यवहार की बात कर चुका था तो उसकी निगरानी को लेकर अस्पताल में किस तरह की व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती मरीज सामान्य मरीजों की तुलना में अधिक संवेदनशील स्थिति में होते हैं। ऐसे मरीजों की निगरानी के लिए अस्पतालों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था, लगातार निगरानी और नियंत्रित वातावरण की जरूरत होती है।
इसके बावजूद अस्पताल परिसर के भीतर बाथरूम में गमछे के सहारे फांसी लगाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि मानसिक रोगियों के वार्ड में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और स्थानों की सुरक्षा को लेकर किस प्रकार की व्यवस्था लागू है।
अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर उठी उंगलियां
घटना के बाद अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, वार्ड की निगरानी और स्टाफ की सतर्कता पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
मानसिक रोगियों के लिए बनाए गए संस्थानों में मरीजों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, जोखिम वाली वस्तुओं को नियंत्रित रखने और संभावित आत्मघाती व्यवहार की आशंका पर विशेष निगरानी रखने की व्यवस्था अपेक्षित होती है।
इसके बावजूद अस्पताल के भीतर इस तरह की घटना सामने आने के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्टाफ और अन्य मरीजों के परिजन भी घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में एकत्रित हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और अस्पताल प्रशासन से भी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी ली जा रही है।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। मरीज की मानसिक स्थिति, भर्ती की प्रक्रिया, अस्पताल में निगरानी व्यवस्था और घटना के समय मौजूद स्टाफ की भूमिका जैसे सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद मेंटल हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था, मरीजों की निगरानी और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल एक साथ खड़े हो गए हैं, जिनकी जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो पाएगी।

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