बिलासपुर। दुबई से कोटा के तीन युवकों के फंसे होने की खबर प्रकाशित होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। newsdawncg.com पर खबर सामने आने के बाद बीते मंगलवार को बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने सीधे फोन के माध्यम से युवकों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
युवकों से सीधी बातचीत, केंद्र तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार करगी रोड निवासी शिवम मिश्रा अपने साथियों आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के साथ घूमने के उद्देश्य से दुबई पहुंचे थे। इसी दौरान पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा घटनाक्रमों के कारण क्षेत्र का माहौल संवेदनशील हो गया। वापसी की निर्धारित तिथि के आसपास हालात में आई तेजी से वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई।
शिवम मिश्रा ने परिवार से संपर्क कर बताया कि वे तीनों फिलहाल होटल में सुरक्षित हैं, लेकिन क्षेत्र में अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुबई के प्रतिष्ठित स्थल बुर्ज खलीफा पर किसी प्रकार का मिसाइल हमला नहीं हुआ है।
सांसद ने परिजनों और अधिकारियों से भी की चर्चा
मामला सार्वजनिक होने के बाद सांसद तोखन साहू ने युवकों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी संपर्क किया और भरोसा दिलाया कि भारत सरकार के स्तर पर आवश्यक समन्वय किया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार के उच्च अधिकारियों से भी उनकी बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि कोटा के तीनों युवकों को वहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और उन्हें सकुशल स्वदेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परिवार की अपील, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
युवकों के परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि दुबई और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए। परिवार लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में है और मामले को प्राथमिकता से उठाने की अपील कर रहा है।
जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इधर, इस मामले में जिला प्रशासन की सक्रियता को लेकर कोटा क्षेत्र में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले के सार्वजनिक होने के बाद जनप्रतिनिधियों ने पहल की, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक स्पष्ट पहल सामने नहीं आई है।
क्षेत्रीय तनाव का व्यापक असर
पश्चिम एशिया में ईरान–इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। ऐसे में वहां कार्यरत और भ्रमण पर गए भारतीय नागरिकों के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। फिलहाल युवकों के परिवार भारत सरकार की ओर से सकारात्मक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

