बिलासपुर जिले में पुलिस और क्राइम ब्रांच का नाम लेकर वारदात करने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। चकरभाठा क्षेत्र में दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर ट्रेलर वाहन को रुकवाया और चालक से मोबाइल, नकदी और बिल्टी पेपर लूट लिए। वहीं कोटा थाना क्षेत्र के करगीखुर्द में एक आरक्षक और कुछ लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक युवक को घर के सामने से उठाया, स्कॉर्पियो में बंधक बनाया और फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर उससे डेढ़ लाख रुपए की मांग की। बाद में उससे 54 हजार रुपए वसूल कर छोड़ दिया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस बनकर ट्रेलर रुकवाया, मोबाइल और नकदी लूटकर भागे
बिलासपुर। थाना चकरभाठा क्षेत्र में पुलिस बनकर ट्रेलर वाहन चालक से लूटपाट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने टोयोटा शो-रूम के पास ट्रेलर वाहन को रोककर चालक से मोबाइल, नकदी और वाहन के दस्तावेज लूट लिए थे। घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी ने 6 मार्च 2026 को थाना चकरभाठा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसी दिन तड़के करीब 3:10 बजे वह अपने ट्रेलर वाहन से जा रहा था। इसी दौरान टोयोटा शो-रूम चकरभाठा के पास एक सफेद रंग की टाटा पंच कार में सवार दो युवकों ने ट्रेलर को रुकवाया।
दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए ट्रेलर चालक से वाहन की बिल्टी (दस्तावेज) दिखाने को कहा। चालक के पास तत्काल बिल्टी पेपर नहीं होने पर आरोपियों ने उससे पैसों की मांग की। इसके बाद आरोपियों ने चालक के पास रखा विवो कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल, मोबाइल कवर में रखे 1000 रुपए नकद और ट्रेलर का बिल्टी पेपर छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना चकरभाठा पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पतासाजी के दौरान पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की टाटा पंच कार जब्त कर ली है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
यशराज यादव (22 वर्ष), पिता गिरिराज यादव, निवासी पुराना बस स्टैंड के पीछे सरस्वती शिशु मंदिर के पास जांजगीर, वर्तमान पता अभिषेक विहार कॉलोनी मंगला, बिलासपुर।
सुमित दुबे (27 वर्ष), पिता कमलेश दुबे, निवासी सरसीवा जिला सारंगढ़, वर्तमान पता अभिषेक विहार कॉलोनी मंगला, बिलासपुर।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 26 हजार रुपए आंकी गई है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

क्राइम ब्रांच बनकर युवक को उठाया, डेढ़ लाख की फिरौती मांगी
कोटा। कोटा थाना क्षेत्र के करगीखुर्द में फिल्मी अंदाज में ठगी और उगाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि जीपीएम जिले के एक आरक्षक और आउटसोर्स के पुराने ड्राइवरों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए एक युवक को उसके घर के सामने से उठा लिया। आरोपियों ने युवक को स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर नशीले पदार्थ के केस में फंसाने की धमकी दी और उससे डेढ़ लाख रुपए की मांग की।
जानकारी के अनुसार करगीखुर्द निवासी अभिषेक सिंह 26 फरवरी की रात करीब 12:05 बजे अपने घर पर था। उसी दौरान अचानक उसके घर के सामने सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन (CG 10-4800) और लाल रंग की स्विफ्ट (CG 10 BW 3926) आकर रुकी।
कार से चार लोग उतरे और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए करीब 50 मिनट तक घर के बाहर गाली-गलौज करते रहे। इसके बाद उन्होंने फोन कर अभिषेक को बाहर बुलाया। अभिषेक जैसे ही घर से बाहर निकला, आरोपी योगेश पांडेय ने किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करने का नाटक करते हुए उसे डराया और जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया।
इसके बाद गाड़ी को घर से करीब एक किलोमीटर दूर ले जाया गया। वहां आरोपियों ने अभिषेक से सीधे 1.50 लाख रुपए की मांग की। उन्होंने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो गाड़ी में अवैध नशा या ड्रग्स रखकर केस बना देंगे और फिर उसे जेल भेज दिया जाएगा।
डरे हुए अभिषेक ने किसी तरह 54 हजार रुपए नकद उन्हें दे दिए। पैसे लेने के बाद आरोपी वहां से चले गए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले में धारा 308 (7), 319 (2), 296 और 3 (5) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस की गाड़ी चलाने वाले तीन पूर्व ड्राइवर समेत छह गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुलिस वाहन चलाने वाले तीन पूर्व ड्राइवर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं जीपीएम जिले का एक आरक्षक फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पटैता में भी पहुंचा था गिरोह
अभिषेक को छोड़ने के बाद यह गिरोह कोरीपारा पटैता निवासी मनोज यादव के घर भी पहुंचा। वहां भी आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित अभिषेक ने फर्जी क्राइम ब्रांच कर्मी बनकर आने वाले योगेश पांडेय उर्फ भूरू, विनय साहू और देव बघेल की पहचान की है। उनके साथ अन्य युवक भी शामिल थे। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

