बिलासपुर। दुबई में फंसे कोटा क्षेत्र के तीन युवकों से जुड़ी खबर सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। खबर प्रकाशित होने के बाद बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने स्वयं युवकों से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रयास तेज हुए और शुक्रवार को तीनों युवक दुबई से दिल्ली लौट आए। तीनों युवक करगी रोड कोटा क्षेत्र के रहने वाले हैं।
युवकों से सीधी बातचीत, स्थिति की ली जानकारी
जानकारी के अनुसार करगी रोड निवासी शिवम मिश्रा अपने दो साथियों आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के साथ घूमने के उद्देश्य से दुबई गए थे। इसी दौरान पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों के कारण क्षेत्र का माहौल संवेदनशील हो गया।
वापसी की निर्धारित तिथि के आसपास हालात में आई तेजी के कारण वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति बनने लगी। इस बीच शिवम मिश्रा ने अपने परिवार से संपर्क कर बताया कि वे तीनों फिलहाल होटल में सुरक्षित हैं, लेकिन क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुबई के प्रतिष्ठित स्थल बुर्ज खलीफा पर किसी प्रकार का मिसाइल हमला नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर चल रही कुछ खबरें भ्रामक हैं।
सांसद ने परिजनों और अधिकारियों से भी की चर्चा
मामला सामने आने के बाद सांसद एवं केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने युवकों से फोन पर बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने युवकों के परिजनों से भी संपर्क कर उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार स्तर पर आवश्यक समन्वय किया जा रहा है।
श्री साहू ने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार के उच्च अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि कोटा के तीनों युवकों को वहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और उन्हें सकुशल स्वदेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परिवार ने केंद्र सरकार से की थी हस्तक्षेप की मांग
युवकों के परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी। परिजनों का कहना था कि दुबई और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए।
परिवार के सदस्य लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में बने हुए थे और मामले को प्राथमिकता से उठाने की मांग कर रहे थे।
जिला प्रशासन की सक्रियता को लेकर उठे सवाल
इधर, इस मामले को लेकर कोटा क्षेत्र में जिला प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों का कहना है कि खबर सामने आने के बाद जनप्रतिनिधियों ने पहल कर युवकों से संपर्क किया, जबकि प्रशासन की ओर से स्थिति को लेकर स्पष्ट पहल सामने नहीं आई।
पश्चिम एशिया के तनाव का असर
पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। ऐसे हालात में वहां काम कर रहे या घूमने गए भारतीय नागरिकों के परिजनों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल कोटा के तीनों युवक दुबई से दिल्ली पहुंच चुके हैं और उनके सकुशल लौटने की खबर से परिवार तथा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

