बोर्ड परीक्षा की दहलीज पर खड़े 37 हजार से अधिक विद्यार्थियों के बीच बुधवार को ऐसा माहौल बना, मानो परीक्षा नहीं, आत्मविश्वास का उत्सव हो। “धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ बिना डरे परीक्षा दें” — कलेक्टर संजय अग्रवाल के इन शब्दों ने ऑनलाइन जुड़े हजारों छात्रों का मनोबल ऊंचा कर दिया।
बिलासपुर, 11 फरवरी 2026।
जिला प्रशासन, यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ अग्रिकॉन समिति के संयुक्त तत्वावधान में “हम होंगे कामयाब” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित “परीक्षा पर चर्चा” में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनका मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष जिले के लगभग 37 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं।


कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि 20 और 21 फरवरी से कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं, जो विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह वर्षभर की मेहनत के आकलन का समय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन्होंने नियमित अध्ययन किया है, उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी को तैयारी में कमी महसूस हो रही हो तो घबराने के बजाय धैर्य और संयम के साथ पढ़ाई करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जिन विषयों में पकड़ मजबूत है, उन्हें प्राथमिकता दें और नियमित रूप से रीविजन करें। परीक्षा को जीवन का अंतिम निर्णय न मानने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसी एक परीक्षा से व्यक्ति की संपूर्ण काबिलियत तय नहीं होती। उन्होंने सचिन तेंदुलकर, थॉमस एडिसन, धीरूभाई अंबानी, स्टीव जॉब्स और कपिल शर्मा जैसे व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है।
“परीक्षा के तीन घंटे जीवन का संपूर्ण भविष्य निर्धारित नहीं करते” — इस संदेश के साथ उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह समय धैर्य, अनुशासन और संयम बनाए रखने का है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम 40 मिनट शारीरिक व्यायाम करने, सकारात्मक मित्र समूह बनाने और समूह चर्चा के माध्यम से अध्ययन करने का सुझाव दिया। चर्चा के माध्यम से पढ़ी गई सामग्री अधिक समय तक स्मरण रहती है और कठिन विषयों की नियमित अभ्यास से समझ मजबूत होती है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय माता-पिता के सपनों और अपेक्षाओं को सदैव स्मरण रखें। यदि किसी परीक्षा का परिणाम अपेक्षित न आए तो निराश होने के बजाय अगली परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गैजेट्स से दूरी, समय प्रबंधन और मानसिक एकाग्रता जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका कलेक्टर ने सरल एवं व्यावहारिक सुझावों के साथ उत्तर दिया।
सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव से बचें, पर्याप्त नींद लें और मानसिक शांति बनाए रखें। सकारात्मक सोच और संतुलित दिनचर्या से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी तथा समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक श्री ओम पांडे उपस्थित रहे।

