‘एक ही वार्ड के 120 मुस्लिम मतदाताओं के नाम काट दिए गए
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के तीन बूथों पर 117 नामों पर आपत्ति; कांग्रेस बोली– SIR के नाम पर सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में छेड़छाड़
बिलासपुर।
बिलासपुर में मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि फॉर्म-7 के जरिए सुनियोजित ढंग से कांग्रेस समर्थित और अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला” बताते हुए कहा कि करीब 120 मुस्लिम मतदाताओं को टारगेट किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। मामले को लेकर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से लेकर पूरे जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
SIR प्रक्रिया के बीच बढ़ा विवाद
ज्ञापन के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत 14 फरवरी तक मतदाताओं की सुनवाई प्रस्तावित है और 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन निर्धारित है। इसी बीच कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरकर कांग्रेस समर्थित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई जगहों पर बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) फॉर्म लेने से इंकार कर रहे थे, लेकिन उन पर “ऊपर से आया है” कहकर दबाव बनाया गया। यहां तक कि कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
चांटीडीह का मामला बना केंद्र बिंदु
कांग्रेस ने विशेष रूप से बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके का उल्लेख किया है। आरोप है कि यहां जिन मतदाताओं के नाम 2003 की मतदाता सूची से लगातार दर्ज हैं और जो वर्तमान में भी वहीं निवासरत हैं, उनके खिलाफ भी फॉर्म-7 भरा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित मतदाताओं ने SIR के तहत आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए हैं और उनका भौतिक सत्यापन बीएलओ द्वारा किया जा चुका है।
तीन बूथों पर 117 मतदाता चिन्हित
कांग्रेस द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार बेलतरा विधानसभा के वार्ड क्रमांक 55-56 में:
बूथ क्रमांक 191 – 10 मतदाता
बूथ क्रमांक 192 – 15 मतदाता
बूथ क्रमांक 193 – 92 मतदाता
कुल मिलाकर 117 मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम पर फॉर्म-7 भरे जाने की बात कही गई है। कांग्रेस का दावा है कि इन सभी का भौतिक सत्यापन हो चुका है और वे वर्तमान में उसी पते पर निवास कर रहे हैं। सत्यापन का पंचनामा भी ज्ञापन के साथ संलग्न होने की जानकारी दी गई है।
‘SIR अपने उद्देश्य से भटक गया’ – विजय केशरवानी
ज्ञापन में कहा गया है कि जब पहले ही SIR प्रक्रिया के तहत बीएलओ ने भौतिक सत्यापन के आधार पर फॉर्म भरे हैं और दस्तावेज सही पाए गए हैं, तो दोबारा फॉर्म-7 भरने का औचित्य क्या है?
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR का इस्तेमाल “कांग्रेस के चिन्हित मतदाता, कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक समुदाय के नाम हटाने” के लिए किया जा रहा है। विशेष रूप से 120 मुस्लिम मतदाताओं को टारगेट किए जाने की बात को प्रमुखता से उठाया गया है।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इंदिरा कांग्रेस भवन, तिलक नगर से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां नारेबाजी के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की “एकतरफा कार्रवाई” लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यदि इस प्रकार फॉर्म-7 का इस्तेमाल होता रहा तो मतदाताओं में भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा होगी।
राजनीतिक पारा चढ़ा
मतदाता सूची को लेकर उठे इस विवाद ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे सुनियोजित कार्रवाई बता रही है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर SIR प्रक्रिया नियमानुसार चलने की बात कही जा रही है।
बेलतरा क्षेत्र में विशेष रूप से इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और आने वाले दिनों में सुनवाई और अंतिम प्रकाशन के बीच यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

